कटनी। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में कलेक्टर आशीष तिवारी ने जिला उपार्जन समिति की अनुशंसा पर बरही तहसील में उपार्जन व्यवस्था को सुचारू एवं पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत न केवल उपार्जन केन्द्रों का निर्धारण किया गया है, बल्कि महिला स्व-सहायता समूहों को भी जिम्मेदारी देकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है।
तीन उपार्जन केन्द्र निर्धारित, दो पर महिला समूहों को जिम्मेदारी
जारी आदेश के अनुसार बरही तहसील में कुल 3 गेहूँ उपार्जन केन्द्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें से 2 केन्द्रों का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया है, जिससे ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
पिपरियाकला उपार्जन केन्द्र पर गेहूँ खरीदी की जिम्मेदारी गुलाब स्व-सहायता समूह को दी गई है। यहां नोडल अधिकारी के रूप में हल्का पटवारी संतोष महोबिया नियुक्त किए गए हैं।
हदरहटा उपार्जन केन्द्र पर खरीदी का कार्य राधाकृष्ण स्व-सहायता समूह, करेला द्वारा किया जाएगा। इस केन्द्र के नोडल अधिकारी हल्का पटवारी श्याम रायल होंगे।
इसके अलावा बगैहा उपार्जन केन्द्र पर गेहूँ खरीदी का दायित्व सेवा सहकारी समिति पिपरियाकला को सौंपा गया है, जहां नोडल अधिकारी के रूप में हल्का पटवारी अनुज सिंह पोरते नियुक्त किए गए हैं।
समर्थन मूल्य और बोनस की जानकारी
शासन द्वारा रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूँ का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य शासन की ओर से किसानों को 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जाएगा। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
सप्ताह में 5 दिन होगी खरीदी
उपार्जन कार्य सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक किया जाएगा। वहीं शनिवार और रविवार को खाद्यान्न के परिवहन, भंडारण और लेखा मिलान जैसे कार्य किए जाएंगे, ताकि खरीदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।
ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की सुविधा
किसानों की सुविधा के लिए शासन ने ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था भी की है। किसान अपनी उपज बेचने के लिए mpeuparjan.nic.in पर जाकर स्लॉट बुक कर सकते हैं। इससे उपार्जन केन्द्रों पर भीड़ कम होगी और किसानों को समय पर खरीदी की सुविधा मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में पहल
महिला स्व-सहायता समूहों को उपार्जन की जिम्मेदारी देना प्रशासन की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि सरकारी योजनाओं में उनकी सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।
कुल मिलाकर, कलेक्टर के इस निर्णय से जिले में गेहूँ उपार्जन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और किसान हितैषी बनने की उम्मीद है।
बरही तहसील में गेहूँ उपार्जन की जिम्मेदारी महिला समूहों को, कलेक्टर आशीष तिवारी का निर्णय—समर्थन मूल्य 2585 रु./क्विंटल, बोनस भी मिलेगा
