कानपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक बेहद हृदयविदारक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां गुरुकुल में पढ़ने गए 11 वर्षीय बालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मासूम के शरीर पर 40 से अधिक चोटों के निशान मिलने से मामला और भी गंभीर हो गया है। परिजनों ने गुरुकुल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार, कानपुर के महाराजपुर गांव निवासी नरेंद्र कुमार द्विवेदी, जो कि एक फैक्ट्री में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, उन्होंने अपने बेटे दिव्यांश का 15 अप्रैल को लखनऊ के आलमनगर स्थित रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल में प्रवेश कराया था। उन्हें बताया गया था कि यहां बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाती है।
परिजनों के मुताबिक, बुधवार सुबह अचानक एक फोन कॉल आया, जिसमें गुरुकुल की ओर से बताया गया कि दिव्यांश सीढ़ियों से गिर गया है और उसे चोट आई है। परिवार अभी लखनऊ जाने की तैयारी ही कर रहा था कि इसी बीच एक कार उनके घर के पास आकर रुकी और कुछ लोग दिव्यांश को सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए।
जब परिवार के लोग मौके पर पहुंचे तो उनका कलेजा दहल गया। दिव्यांश मृत अवस्था में पड़ा था और उसके शरीर पर 40-45 गंभीर चोटों के निशान थे। परिजनों का आरोप है कि बच्चे को बुरी तरह पीटा गया और उसके शरीर को सिगरेट से दागा गया है। यह सिर्फ हादसा नहीं बल्कि क्रूरता की पराकाष्ठा है।
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह मामला संदिग्ध नजर आ रहा है, जिसमें हत्या की आशंका भी जताई जा रही है।
इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
परिजनों ने सरकार और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि बेटे को पढ़ाई के लिए भेजा था, लेकिन उसकी लाश वापस मिली। पूरे मामले ने शिक्षा संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और गुरुकुल से जुड़े लोगों से पूछताछ जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
गुरुकुल में 11 साल के बालक की मौत: शरीर पर 42 चोटों के निशान, सिगरेट से दागे जाने की आशंका, घर के बाहर शव छोड़कर फरार हुए आरोपी
