ग्राम किरहाई पिपरिया में बोरी बंधान से रुका पानी, भूजल स्तर बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

कटनी जिले के बहोरीबंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम किरहाई पिपरिया में जल संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली है। जल गंगा संवर्धन अभियान के द्वितीय चरण के तहत स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से किए गए “बोरी बंधान” कार्य ने न केवल बहते पानी को रोकने में सफलता पाई है, बल्कि क्षेत्र में भूजल स्तर बढ़ाने की मजबूत नींव भी रख दी है।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशन एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरनप्रीत कौर के मार्गदर्शन में यह कार्य संपन्न हुआ। ग्राम किरहाई पिपरिया (कुआँ), सेक्टर बचैया-03 में नवांकुर संस्था बड़खेरा जन चेतना समाज सेवी संस्था द्वारा इस अभियान को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया गया।
दरअसल, अम्हानाला-सुहार नदी स्थित हनुमान मंदिर के पास बने स्टॉप डेम में गेट की अनुपस्थिति के कारण पानी का संचयन नहीं हो पा रहा था। परिणामस्वरूप जल बिना रुके बह जाता था और क्षेत्र में जल संकट की स्थिति बनी रहती थी। इस समस्या को समझते हुए ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर श्रमदान के माध्यम से बोरी बंधान किया।
इस बोरी बंधान के बाद अब पानी का प्रवाह नियंत्रित हो गया है और जल ओवरफ्लो के माध्यम से धीरे-धीरे बह रहा है। इससे जल का संचयन संभव हो पाया है, जो जमीन में समाहित होकर भूजल स्तर को बढ़ाने में सहायक होगा। यह पहल आने वाले समय में क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो सकती है।
कार्यक्रम के दौरान नदी क्षेत्र में फैले कचरे और प्लास्टिक को भी हटाया गया, जिससे स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। यह अभियान केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाने में सफल रहा।
इस पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन परामर्शदाता श्री अवधेश बैरागी एवं सेक्टर प्रभारी श्री सरजू प्रसाद श्रीवास के संयोजन में किया गया। कार्यक्रम में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति बड़खेरा, बम्होरी, निमास एवं पिपरिया पोंडी के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में सरजू प्रसाद श्रीवास ने उपस्थित सभी लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई, वहीं दुर्गेश यादव ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर ब्लॉक समन्वयक अरविंद शाह, मेंटर अवधेश बैरागी, रोहणी विलोहा, नागेश तंतुवाय, व्रजनन्दन बर्मन, मुकेश रैदास, कमलेश कुमार, सचिव कंधी लाल नायक, बद्री प्रसाद हल्दकार, रामभरोष बर्मन, आशीष कुमार सहित अनेक ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
यह पहल इस बात का उदाहरण है कि सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी से बड़े से बड़े जल संकट का समाधान संभव है। यदि इसी तरह के प्रयास अन्य गांवों में भी किए जाएं, तो जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधार की दिशा में व्यापक बदलाव लाया जा सकता है।

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