मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधों पर बड़ी कार्रवाई: e-Zero FIR से त्वरित न्याय, अंतर्राज्यीय गिरोहों का पर्दाफाश

भोपाल। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस लगातार सख्त और तकनीक आधारित कार्रवाई कर रही है। प्रदेशभर में साइबर ठगी, फर्जी कॉल सेंटर, म्यूल अकाउंट नेटवर्क और वर्क फ्रॉम होम के नाम पर हो रही धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस ने प्रभावी अभियान चलाते हुए कई बड़े खुलासे किए हैं।
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, साइबर अपराधों के खिलाफ e-Zero FIR प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है, जिसके तहत पीड़ित किसी भी थाने में तुरंत रिपोर्ट दर्ज करा सकता है। इस व्यवस्था से शिकायत दर्ज करने में देरी कम हुई है और आरोपियों तक तेजी से पहुंच संभव हो पाई है।
फर्जी कॉल सेंटर और म्यूल अकाउंट नेटवर्क का भंडाफोड़
मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर टीमों ने हाल ही में कई जिलों में कार्रवाई करते हुए फर्जी कॉल सेंटर संचालित करने वाले गिरोहों का पर्दाफाश किया है। ये गिरोह आम नागरिकों को बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर प्रतिनिधि या सरकारी एजेंसी का कर्मचारी बनकर कॉल करते थे और उन्हें झांसे में लेकर बैंक डिटेल्स हासिल कर लेते थे।
इसके साथ ही पुलिस ने म्यूल अकाउंट नेटवर्क का भी खुलासा किया है, जिसमें अपराधी दूसरों के बैंक खातों का उपयोग कर ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करते थे, जिससे उनकी पहचान छिपी रहे। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर ऐसे खातों को चिन्हित कर कार्रवाई की गई है।
वर्क फ्रॉम होम ठगी में अंतर्राज्यीय गिरोह गिरफ्तार
वर्क फ्रॉम होम के नाम पर लोगों को ठगने वाले अंतर्राज्यीय गिरोहों पर भी पुलिस ने शिकंजा कसा है। आरोपियों द्वारा सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को आसान कमाई का लालच देकर पैसे ऐंठे जाते थे। कई मामलों में अन्य राज्यों से संचालित गिरोहों के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।
तकनीकी विश्लेषण से मिल रही सफलता
साइबर सेल द्वारा आधुनिक तकनीकों, डिजिटल ट्रैकिंग और डेटा विश्लेषण का उपयोग कर अपराधियों तक पहुंच बनाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
आम जनता से सतर्क रहने की अपील
मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे साइबर अपराधियों द्वारा भेजे गए संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल और ऑनलाइन ऑफर्स से सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो वह तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को बचाने की संभावना बढ़ जाती है।
सुरक्षित डिजिटल वातावरण के लिए प्रतिबद्धता
मध्यप्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाए रखने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है और साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
#दर्पण24न्यूज

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