कटनी। जिले में प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता और आमजन के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री आशीष तिवारी ने राजस्व विभाग के कार्यों की तहसीलवार विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व से जुड़े मामले सीधे जनता के जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ करना होगा।

शनिवार को आयोजित समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर श्री नीलाम्बर मिश्रा, संयुक्त कलेक्टर जितेंद्र पटेल, सभी एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर प्रदीप मिश्रा, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित भू-अभिलेख, लोक सेवा और ई-गवर्नेंस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में राजस्व मामलों की प्रगति, लंबित प्रकरणों और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण पर जोर
कलेक्टर श्री तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे बैठकों में पूरी तैयारी और अद्यतन जानकारी के साथ उपस्थित हों। साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को त्वरित राहत मिल सके।
लंबित राजस्व प्रकरणों को समय-सीमा में निपटाने के निर्देश
कलेक्टर ने नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा जैसे महत्वपूर्ण राजस्व प्रकरणों को तय समय-सीमा में निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से 1 से 2 वर्ष और 2 से 5 वर्ष से लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण पर जोर दिया, ताकि लोगों को वर्षों तक न्याय के लिए भटकना न पड़े।
अमृत सरोवर और जल संरचनाओं पर फोकस
बैठक में कलेक्टर ने अमृत सरोवरों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने और सभी जल संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के लिए यह अत्यंत आवश्यक है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में तेजी लाने के निर्देश
कलेक्टर श्री तिवारी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लंबित आवेदनों और हितग्राहियों के मामलों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से शत-प्रतिशत निराकरण का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने को भी कहा।
साइबर तहसील में लापरवाही पर सख्ती
साइबर तहसील में पटवारी आईडी पर लंबित आवेदनों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने भू-अभिलेख की प्रभारी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजस्व वसूली और फार्मर आईडी कार्यों में तेजी
कलेक्टर ने राजस्व वसूली और फार्मर आईडी से जुड़े कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंच सके।
उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
कलेक्टर श्री तिवारी ने समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने केंद्रों पर बारदाना, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर-इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, साफ-सफाई के संसाधन और स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
संवेदनशील और पारदर्शी कार्यशैली पर जोर
बैठक के अंत में कलेक्टर ने कहा कि यदि राजस्व अधिकारी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करेंगे, तो आमजन का विश्वास प्रशासन पर और अधिक मजबूत होगा। साथ ही इससे जिला प्रशासन की सकारात्मक और भरोसेमंद छवि भी स्थापित होगी।
जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में भी इसी प्रकार की सख्त समीक्षा और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया जारी रहेगी, जिससे शासन की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
