आरटीई के तहत प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 25 अप्रैल तक मिलेगा मौका🔳 अभिभावकों को राहत, चयनित निजी स्कूलों में एडमिशन के लिए मिला अतिरिक्त समय🔳 प्रवेश से इंकार करने वाले स्कूलों पर होगी सख्त कार्रवाई

कटनी। शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश को लेकर राज्य शिक्षा केंद्र ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। अब आरटीई के अंतर्गत चयनित बच्चों का प्रवेश 25 अप्रैल 2026 तक कराया जा सकेगा। पहले यह अंतिम तिथि 15 अप्रैल निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर 10 दिन अतिरिक्त समय दिया गया है।
यह निर्णय उन अभिभावकों की मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जो किसी कारणवश तय समय सीमा में अपने बच्चों का एडमिशन नहीं करा सके थे, लेकिन अब भी प्रवेश दिलाना चाहते हैं।
दरअसल, निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(ग) के तहत कमजोर वर्ग एवं वंचित समूह के बच्चों को निजी, गैर-अनुदान प्राप्त स्कूलों में निशुल्क शिक्षा का अधिकार दिया गया है। इसी के अंतर्गत 2 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित किए गए थे।
राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा अभिभावकों को 3 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच संबंधित स्कूलों में प्रवेश कराने के निर्देश दिए गए थे। इस अवधि में अधिकांश बच्चों का एडमिशन हो गया, लेकिन कुछ अभिभावक विभिन्न कारणों से यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए। ऐसे पालकों को एसएमएस के जरिए भी सूचना दी गई थी।
🔳 अभिभावकों की मांग पर लिया गया बड़ा फैसला
राज्य शिक्षा केंद्र ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों की समस्याओं और विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए ही प्रवेश की तिथि को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, ताकि कोई भी पात्र बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
🔳 निजी स्कूलों की मनमानी पर लगेगा अंकुश
साथ ही, राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक ने जिला अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि कोई निजी स्कूल आरटीई के तहत चयनित बच्चे को प्रवेश देने से मना करता है, तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
इस संबंध में विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (BRC) और जिला परियोजना समन्वयक (DPC) को निर्देशित किया गया है कि वे शिकायत मिलते ही मामले का संज्ञान लें और संबंधित स्कूल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
🔳 हर बच्चे को मिलेगा उसका अधिकार
जिला स्तर पर पूरी प्रक्रिया की रोजाना समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि कोई भी पात्र बच्चा प्रवेश से वंचित न रह जाए और उसे उसके आवंटित स्कूल में समय पर दाखिला मिल सके।
इस फैसले से हजारों अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो अब अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए 25 अप्रैल तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

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