कटनी में नरवाई जलाने वालों पर सख्ती: पंचायत भवन के सूचना पटल पर चस्पा होंगे नाम, नियम तोड़ने वाले उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

कटनी। जिले में किसानों द्वारा नरवाई (फसल अवशेष) जलाने की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब नरवाई जलाने वाले किसानों के नाम संबंधित ग्राम पंचायत भवनों के सूचना पटल पर सार्वजनिक रूप से चस्पा किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करना है, बल्कि सामाजिक जागरूकता के माध्यम से इस कुप्रथा पर रोक लगाना भी है।
यह निर्देश कलेक्टर ने कृषि एवं उससे जुड़े विभागों की समीक्षा बैठक के दौरान दिए, जिसमें जिला पंचायत की सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
🔳 उर्वरक वितरण में अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई
बैठक में कलेक्टर ने उर्वरक वितरण व्यवस्था को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि उर्वरकों की बिक्री केवल ई-विकास पोर्टल और पीओएस मशीन के माध्यम से ही की जाए। जो विक्रेता इन नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके लाइसेंस तत्काल निलंबित किए जाएंगे।
साथ ही सहायक आयुक्त सहकारिता को निर्देशित किया गया कि:
सभी समिति सदस्यों का पंजीयन ई-विकास पोर्टल पर अनिवार्य रूप से कराया जाए
समितियों के उर्वरक स्टॉक का सत्यापन कर उसकी ऑनलाइन फीडिंग सुनिश्चित की जाए
🔳 नरवाई प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक पर जोर
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को नरवाई प्रबंधन के लिए हैप्पी सीडर और सुपर सीडर जैसी मशीनों के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के इस्तेमाल से न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहेगी।
🔳 गेहूं खरीदी केंद्रों में साफ-सफाई के निर्देश
आगामी उपार्जन कार्य को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी खरीदी केंद्रों में गेहूं की साफ-सफाई के लिए छन्ना (सिव) की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए, जिससे गुणवत्ता युक्त अनाज का ही उपार्जन हो सके।
🔳 उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं को बढ़ावा
उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि:
सब्जी, मसाला, पुष्प और फलोद्यान के चयनित क्लस्टरों में किसानों की चौपाल आयोजित की जाए
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित की जाए
🔳 मत्स्य पालन में नए लक्ष्य और योजनाएं
मत्स्य विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित लक्ष्यों के तहत:
उद्यमी मॉडल के अंतर्गत 90 हजार केज (cage) स्थापना
हितग्राही योजना के तहत 10 हजार केज स्थापना का लक्ष्य रखा गया है
इसके लिए आवेदनों की जांच और चयन हेतु समिति गठन तथा नोडल अधिकारी नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है।
साथ ही मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के अंतर्गत निर्मित स्मार्ट फिश पार्लरों के संचालन के लिए जल्द विज्ञप्ति जारी की जाएगी।
🔳 दुग्ध उत्पादन और पशुपालन पर फोकस
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए कलेक्टर ने दुग्ध समितियों को लक्ष्य के अनुरूप संकलन बढ़ाने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग को:
सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना के तहत लक्ष्य पूर्ति
चलित पशु चिकित्सा इकाई (एम्बुलेंस) का प्रचार-प्रसार
स्वावलंबी गौशाला स्थापना नीति 2025 के तहत जिले में शीघ्र स्थान चयन
जैसे कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा गया।
🔳 प्रशासन का स्पष्ट संदेश
कलेक्टर श्री तिवारी के निर्देशों से साफ है कि अब जिले में कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में पारदर्शिता, तकनीकी उपयोग और नियमों के पालन को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नरवाई जलाने जैसे पर्यावरण के लिए हानिकारक कार्यों पर सामाजिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर सख्ती दिखाई जाएगी।
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