कटनी। जनपद पंचायत रीठी में आयोजित सामान्य सभा की बैठक उस समय चर्चा का विषय बन गई जब बैठक में अधिकांश विभागीय अधिकारी अनुपस्थित रहे। अधिकारियों की लगातार अनुपस्थिति को लेकर जनपद उपाध्यक्ष प्रकाश साहू ने कड़ा रुख अपनाते हुए निंदा प्रस्ताव पारित करवाया।
बैठक के दौरान जनपद उपाध्यक्ष प्रकाश साहू ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है जब सामान्य सभा की बैठक में विभाग प्रमुख अनुपस्थित रहे हों। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी कई बार इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है, और हर बार निंदा प्रस्ताव तो पारित किया गया, लेकिन उस पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि “निंदा प्रस्ताव सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाता है, जमीनी स्तर पर इसका कोई असर नहीं दिखता।”
उपाध्यक्ष साहू ने कहा कि जब महत्वपूर्ण विकास योजनाओं और जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई जाती है, तब अधिकारियों का इस तरह अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही है। इससे न केवल विकास कार्य प्रभावित होते हैं, बल्कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इसी तरह अधिकारी सामान्य सभा की बैठकों से दूरी बनाते रहेंगे तो विकास कार्यों की गति कैसे सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) इस मामले में सख्त और ठोस कार्रवाई करेंगे, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
बैठक में उठे इस मुद्दे ने पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि अधिकारी समय पर बैठकों में उपस्थित नहीं होंगे तो योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता की समस्याओं के समाधान में गंभीर बाधाएं उत्पन्न होंगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मांग की है कि अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाए, ताकि प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
यह मामला अब जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें सीईओ की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
रीठी जनपद पंचायत की सामान्य सभा में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर हंगामा, निंदा प्रस्ताव पारित
