स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर कड़ा एक्शन: कलेक्टर आशीष तिवारी का सख्त संदेश, जिम्मेदारी तय होगी

कटनी। जिले में स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय होगी। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में कलेक्टर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए पाया कि कई क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कम प्रगति वाले और बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को नोटिस जारी करने और वेतन काटने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर भी मौजूद रहीं।
🔴 लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, सेवा समाप्ति तक के निर्देश
कलेक्टर तिवारी ने बैठक के दौरान कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए—
उप स्वास्थ्य केंद्र मोहतरा (बहोरीबंद) के सीएचओ कृष्णम विश्वकर्मा को बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर सेवा समाप्ति का नोटिस जारी करने के निर्देश।
रीठी की सीएचओ सारिका यादव को 10 मई तक प्रगति नहीं दिखाने पर सेवा समाप्ति की चेतावनी।
बड़वारा की एएनएम अर्चना दाहिया का 2 दिन का वेतन काटने का निर्देश।
पिपरिया परौहा की सीएचओ मीनाक्षी बर्मन को 7 दिन अवैतनिक करने के आदेश।
हरदुआ कन्हवारा के सीएचओ राहुल मकवाने का एक दिन का वेतन काटा गया।
वहीं, विजयराघवगढ़ में हुई एक मातृ मृत्यु के मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित आशा, एएनएम और सीएचओ के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने और 7 दिन के भीतर वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए।
🟡 टीकाकरण और मातृ स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि—
14 से 15 वर्ष की किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन के प्रति जागरूक किया जाए, जिससे बच्चेदानी के कैंसर से बचाव हो सके।
जिन क्षेत्रों में वैक्सीन का अधिक स्टॉक है, उसे जरूरत वाले क्षेत्रों में तत्काल शिफ्ट किया जाए।
गर्भवती महिलाओं का पहली तिमाही में पंजीयन सुनिश्चित किया जाए और इसके लिए समग्र आईडी, विवाह पंजीयन जैसे दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं।
ग्राम स्तर पर आधार कार्ड बनाने के लिए शिविरों की जानकारी व्यापक रूप से प्रसारित की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक उप स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिलाओं की ड्यू लिस्ट प्रतिमाह अपडेट रहे और एएनएम, सीएचओ एवं आशा कार्यकर्ता इसकी नियमित निगरानी करें।
🟢 100 दिवसीय ‘निक्षय 2.0’ अभियान को तेज करने के निर्देश
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 100 दिवसीय ‘निक्षय 2.0’ अभियान के तहत 244 ग्राम चिन्हित किए गए हैं। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि—
स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से 14 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों की स्क्रीनिंग की जाए।
एक्स-रे, शुगर और ब्लड प्रेशर की जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए।
🔵 निजी क्लीनिकों और सोनोग्राफी केंद्रों को सख्त निर्देश
कलेक्टर ने जिले के सभी निजी नर्सिंग होम और सोनोग्राफी केंद्रों को निर्देशित किया कि वे—
हर महीने एएनसी जांच से संबंधित पूरी जानकारी
मरीजों के मोबाइल नंबर और पते सहित
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा करें।
🟣 बंद प्रसव केंद्रों को जल्द किया जाए चालू
बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ प्रसव केंद्र लंबे समय से अक्रियाशील हैं। इस पर कलेक्टर ने—
बहोरीबंद के ‘कुंआ’ और उमरियापान के ‘कारोपानी’ प्रसव केंद्रों को जल्द चालू करने
एएनएम को आवश्यक प्रशिक्षण देने
के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
⚫ अधिकारियों की उपस्थिति में हुई समीक्षा
बैठक में सीएमएचओ डॉ. राज सिंह ठाकुर, सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. समीर सिंघई, डीपीएम डॉ. उपेंद्र कुशवाहा सहित स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।
📌 निष्कर्ष
कलेक्टर आशीष तिवारी के इस सख्त रुख से साफ है कि अब स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है। प्रशासन का फोकस साफ है—बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, समय पर इलाज और हर नागरिक तक योजनाओं का लाभ। आने वाले समय में इन निर्देशों का असर जमीनी स्तर पर देखने को मिल सकता है।

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