दर्पण 24 न्यूज़ विशेष रिपोर्ट
कटनी/भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षक वर्ग एक बार फिर अपने अधिकारों को लेकर सड़क पर उतरने की तैयारी में है। “अध्यापक/शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश” के बैनर तले प्रदेशभर में बड़े स्तर पर आंदोलन की घोषणा की गई है। यह आंदोलन मुख्य रूप से TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) से जुड़े आदेशों के विरोध और सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से किए जाने की मांग को लेकर किया जा रहा है।
मोर्चा के पदाधिकारियों के अनुसार, 29 मार्च को भोपाल में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के हर जिले और ब्लॉक स्तर तक ले जाया जाएगा।
📅 चरणबद्ध आंदोलन का पूरा कार्यक्रम
मोर्चा द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार—
8 अप्रैल 2026: जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपा जाएगा
11 अप्रैल 2026: ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे
18 अप्रैल 2026: राजधानी भोपाल में बड़ा राज्यस्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा
📍 कटनी में 8 अप्रैल को बड़ा प्रदर्शन
कटनी जिले में भी इस आंदोलन को लेकर व्यापक तैयारी की जा रही है।
8 अप्रैल 2026 को दोपहर 2 बजे, कलेक्टर कार्यालय के सामने गिरिश होटल के पास जिला स्तरीय ज्ञापन प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
इस प्रदर्शन में जिले के समस्त शिक्षक, अध्यापक और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल होंगे। आयोजकों ने सभी साथियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।
✊ मुख्य मांगें क्या हैं?
आंदोलन के पीछे दो प्रमुख मांगें हैं—
1. TET से संबंधित आदेश निरस्त किया जाए
शिक्षकों का कहना है कि TET से जुड़े वर्तमान आदेश उनके हित में नहीं हैं और इससे शिक्षकों की सेवा शर्तों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए इसे तत्काल निरस्त किया जाए।
2. सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति से हो
शिक्षक संगठन लंबे समय से यह मांग करते आ रहे हैं कि उनकी सेवा अवधि की गणना पहली नियुक्ति की तारीख से की जाए, जिससे उन्हें वरिष्ठता और अन्य लाभ मिल सकें।
🧑🏫 संगठनों की एकजुटता
इस आंदोलन की खास बात यह है कि इसमें विभिन्न शिक्षक संगठनों ने एक मंच पर आकर एकजुटता दिखाई है।
राज्य स्तर से लेकर ब्लॉक और तहसील स्तर तक सभी पदाधिकारी और सदस्य सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
मोर्चा के संयोजक सदस्यों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार की तैयारी
शिक्षक संगठनों ने यह भी संकेत दिया है कि TET से जुड़े मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी की जा रही है, ताकि शिक्षकों के हितों की रक्षा की जा सके।
🗣️ क्या कहते हैं पदाधिकारी?
मोर्चा से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि यह आंदोलन किसी एक जिले या संगठन का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई है।
उन्होंने सभी शिक्षकों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निर्धारित तिथियों पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर एकजुटता दिखाएं।
📢 निष्कर्ष
मध्यप्रदेश में शिक्षक वर्ग का यह आंदोलन आने वाले दिनों में बड़ा रूप ले सकता है।
यदि सरकार और संबंधित विभाग समय रहते इन मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करते हैं, तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी जनआंदोलन में बदल सकता है।
दर्पण 24 न्यूज़ इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और आपको हर अपडेट सबसे पहले उपलब्ध कराएगा।
मध्यप्रदेश में TET के विरोध और सेवा अवधि गणना को लेकर शिक्षक संगठनों का बड़ा आंदोलन, 8 से 18 अप्रैल तक चरणबद्ध प्रदर्शन
