मुंबई। रेलवे के डिब्बों, टॉयलेट और स्टेशन की दीवारों पर “मनचाहा प्यार”, “100% गारंटी लव मैरिज”, “सेक्सुअल प्रॉब्लम का ताबड़तोड़ समाधान” जैसे वादों से यात्रियों को भावनात्मक टिकट बेचने वाले स्वयंभू ‘बंगाली बाबा’ की दुकान आखिरकार बंद हो गई।
Western Railway और Railway Protection Force की संयुक्त टीम ने 17 फरवरी 2026 को विशेष अभियान चलाकर इस “प्रेम प्रचारक” को धर दबोचा।
बताया जा रहा है कि बाबा के पास से 15,000 पोस्टर बरामद हुए — यानी हर सीट के नीचे एक और हर टॉयलेट के पीछे दो का टारगेट तय था!
‘रे रोड’ से सीधे ‘रेल रोड’ बंद
मुखबिरों ने सूचना दी कि रे रोड इलाके में एक फर्जी बाबा रेलवे संपत्ति को अपना निजी होर्डिंग समझ बैठा है। दारुखाना स्थित मीरा अली दरगाह के पास छापेमारी कर मोहम्मद नज़ीर अंदाड़ी नामक शख्स को पकड़ा गया।
तलाशी में जो पोस्टर मिले, उनमें दावा था कि
प्रेमी वापस लाओ
सास को साधो
लव मैरिज कराओ
और “विशेष समस्याओं” का गुप्त समाधान
यानी रेलवे में सफर कम, समाधान ज्यादा मिल रहे थे।
कानून की पटरी पर मामला
मामले में वडाला में केस दर्ज हुआ है। रेलवे अधिनियम की कई धाराओं में कार्रवाई की गई है। बाबा ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने रेलवे से कोई अनुमति नहीं ली थी।
मतलब साफ है — टिकट भी बिना लिया, और विज्ञापन भी बिना परमिशन!
“प्यार का पैकेज” या पोस्टर का बिजनेस?
आरपीएफ अब यह भी जांच कर रही है कि पोस्टर छापने वाली एजेंसी कौन थी और किसने कितनी “भावनात्मक फीस” ली। वित्तीय लेन-देन की भी जांच जारी है।
रेलवे ने दो टूक कहा है — बिना अनुमति विज्ञापन करना और संपत्ति को नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है।
दर्पण 24 का तंज
रेलवे के डिब्बों में जहां यात्रियों को सीट नहीं मिलती, वहां ‘मनचाहा प्यार’ गारंटी से मिल रहा था।
जहां वेटिंग लिस्ट कन्फर्म नहीं होती, वहां “लव मैरिज कन्फर्म” का वादा हो रहा था।
अब बाबा खुद “कस्टडी क्लास” में हैं — और उनके पोस्टर साक्ष्य के तौर पर रखे गए हैं।
लगता है इस बार बाबा की “गारंटी” खुद पर ही भारी पड़ गई।
रेलवे में रोमांस की रेलमपेल” — 15 हज़ार पोस्टरों के साथ ‘बंगाली बाबा’ पटरी से उतरे
