स्टेट टॉपर SDM काजल मीणा घूस कांड में गिरफ्तार, पहली पोस्टिंग में ही रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ी गईं,60 हजार की रिश्वत लेते ACB की कार्रवाई, कार्यालय से करीब ,4 लाख नकद बरामद,रीडर और वरिष्ठ लिपिक भी गिरफ्त में, प्रशासनिक नैतिकता पर उठे सवाल

करौली (राजस्थान)। राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) 2024 की टॉपर और नादौती (जिला करौली) में पदस्थ एसडीएम काजल मीणा को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब एसडीएम पर जमीन से संबंधित एक डिक्री जारी करने के बदले ₹60,000 की रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया।
बताया जा रहा है कि ACB को शिकायत मिली थी कि एसडीएम काजल मीणा अपने कार्यालय के माध्यम से काम कराने के लिए रिश्वत की मांग कर रही हैं। शिकायत की पुष्टि के बाद ब्यूरो ने जाल बिछाया और तय योजना के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
🔳 कार्यालय से मिला भारी कैश कार्रवाई के दौरान ACB टीम ने एसडीएम कार्यालय की तलाशी भी ली, जिसमें करीब ₹4 लाख की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई है। प्रारंभिक जांच में इस राशि को अवैध वसूली का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।
🔳 सहयोगी कर्मचारी भी गिरफ्तार इस मामले में एसडीएम के साथ उनके रीडर दिनेश सैनी और वरिष्ठ लिपिक प्रवीण धाकड़ को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसी का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क मिलकर रिश्वतखोरी का काम कर रहा था।
🔳 पहली पोस्टिंग में ही बड़ा दाग गौरतलब है कि काजल मीणा हाल ही में RAS परीक्षा 2024 में टॉप कर चर्चा में आई थीं और यह उनकी पहली ही पोस्टिंग थी। ऐसे में इतनी जल्दी भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तारी ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली और चयन के बाद की नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
🔳 वायरल हुआ पुराना इंटरव्यू गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर काजल मीणा का एक पुराना मॉक इंटरव्यू वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे ईमानदारी, पारदर्शिता और समाज सेवा की बातें करती नजर आ रही हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोग इसे उनके वर्तमान आचरण से जोड़कर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
🔳 ACB की आगे की कार्रवाई जारी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मामले में विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित संलिप्त लोगों और अवैध लेन-देन के नेटवर्क का भी खुलासा किया जाएगा।
👉 यह मामला न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जिम्मेदारी के पद पर बैठे अधिकारियों की जवाबदेही कितनी जरूरी है।

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