कटनी: जर्जर दीवार गिरने से छात्र की मौत पर बवाल, एनएसयूआई का प्रदर्शन — छात्र की माँ बोली कोई नेता हाल लेने तक नहीं आया 

कटनी। जिले के विजयराघवगढ़ क्षेत्र अंतर्गत माध्यमिक शाला बम्हनगवां में जर्जर दीवार गिरने से 5वीं कक्षा के छात्र राजकुमार बर्मन की दर्दनाक मौत के बाद छात्र संगठनों और आमजन में भारी आक्रोश व्याप्त है। सोमवार को एनएसयूआई विजयराघवगढ़ के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रशासन से दोषियों पर कार्रवाई तथा स्कूल भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

इसी बीच मृतक छात्र की मां शिवकुमारी बर्मन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वह फोन पर बात करते हुए कहती नजर आ रही हैं कि कैमोर में हुई गोलीकांड की घटना पर नेता और अधिकारी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे थे, लेकिन उनके घर कोई नहीं आया और किसी ने मदद नहीं की। वहीं भीड़ में मौजूद कुछ लोग विधायक द्वारा आर्थिक सहायता दिए जाने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं। महिला के साथ एनएसयूआई के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी मौजूद दिखाई दे रहे हैं।

एनएसयूआई पदाधिकारियों का आरोप है कि वे पीड़ित मां को लेकर कलेक्ट्रेट प्रदर्शन के लिए आ रहे थे, तभी विजयराघवगढ़ में विधायक समर्थकों ने उन्हें रोक लिया और कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की की। आरोप यह भी लगाया गया कि पीड़िता से कहा गया कि यदि वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ जाएगी तो मदद नहीं की जाएगी।

प्रशासन सुबह से रहा अलर्ट

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर प्रशासन सुबह से ही अलर्ट मोड पर रहा। फायर ब्रिगेड वाहन सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि अपेक्षाकृत कम संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे और शाम करीब चार बजे डिप्टी कलेक्टर को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में मृतक छात्र के परिजनों को आर्थिक सहायता, परिवार को स्थायी भूमि पट्टा और शासकीय आवास उपलब्ध कराने की मांग की गई। संगठन ने कहा कि यह घटना केवल दुर्घटना नहीं बल्कि जर्जर स्कूल भवनों की अनदेखी का परिणाम है। जिले के सभी शासकीय स्कूलों का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कर खतरनाक भवनों की मरम्मत या पुनर्निर्माण तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।

लापरवाही पर उपयंत्री को किया कार्यों से विरत

मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर जनपद शिक्षा केन्द्र विजयराघवगढ़ के संविदा उपयंत्री मनोज स्वर्णकार को शासकीय कार्यों से विरत कर दिया है और विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।

प्रारंभिक जांच में पाया गया कि संबंधित उपयंत्री के जिम्मे विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग, जर्जर भवनों का चिन्हांकन और उन्हें प्रतिबंधित या ध्वस्त कराने की जिम्मेदारी थी, लेकिन उन्होंने न तो मूत्रालय की जर्जर स्थिति की सूचना दी और न ही मरम्मत या सुरक्षा संबंधी कोई कदम उठाया। विद्यालय को प्राप्त आकस्मिक निधि का उपयोग भी आवश्यक मरम्मत में नहीं किया गया।

कारण बताओ नोटिस का जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए जांच संस्थित की गई है। बीआरसीसी विजयराघवगढ़ चेतराम सिंह मरकाम एवं प्रभारी सहायक यंत्री रोहित हल्दकार को संयुक्त जांच अधिकारी नियुक्त कर एक माह में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

घटना के बाद क्षेत्र में शोक के साथ-साथ जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

दर्पण 24 न्यूज़

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