लखनऊ/उत्तर प्रदेश: सड़कों पर जब 108 एंबुलेंस का सायरन गूंजता है, तो ट्रैफिक में फंसा हर शख्स इस उम्मीद में रास्ता छोड़ देता है कि शायद अंदर कोई जिंदगी मौत से जंग लड़ रही होगी। लेकिन यूपी में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर व्यवस्था और इंसानियत दोनों पर सवाल खड़े हो गए हैं। यहाँ एक एंबुलेंस ड्राइवर मरीज की जगह अपनी ‘गर्लफ्रेंड’ (कॉलेज छात्रा) को बैठाकर सैर-सपाटे पर निकला था।
सायरन बजाकर मांग रहा था रास्ता, अंदर चल रही थी ‘डेट’
मामला तब खुला जब सड़क पर तेज रफ्तार से दौड़ रही एंबुलेंस को देखकर कुछ लोगों को शक हुआ। सायरन फुल वॉल्यूम पर था और ड्राइवर लगातार लोगों से रास्ता मांग रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एंबुलेंस की गति इतनी तेज थी कि लगा जैसे अस्पताल पहुँचने में एक सेकंड की भी देरी मरीज की जान ले सकती है।
जब हुआ खुलासा: ‘यह तो मेरी बहन है’
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने जब एंबुलेंस को रुकवाया, तो अंदर का नजारा देखकर सब सन्न रह गए। एंबुलेंस के स्ट्रेचर वाले हिस्से में कोई मरीज नहीं, बल्कि एक कॉलेज की छात्रा अपनी किताबों के साथ बैठी थी।
पूछताछ शुरू हुई तो ड्राइवर घबरा गया। जब लोगों ने सख्ती से पूछा कि यह छात्रा कौन है और इसे सायरन बजाकर कहाँ ले जाया जा रहा है, तो ड्राइवर ने फौरन पैंतरा बदलते हुए कहा— “साहब, ये मेरी बहन है, इसे कॉलेज छोड़ना था।”
झूठ पकड़ा गया और चली गई नौकरी
ड्राइवर के दावों की पोल तब खुली जब छात्रा और ड्राइवर के बयानों में अंतर नजर आया। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी और एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी के पदाधिकारी हरकत में आए। शुरुआती जांच में ही स्पष्ट हो गया कि सरकारी वाहन और जीवन रक्षक सेवा का इस्तेमाल निजी स्वार्थ और मौज-मस्ती के लिए किया जा रहा था।
कार्रवाई का हंटर:
तत्काल प्रभाव से बर्खास्तगी: विभाग ने आरोपी ड्राइवर को सेवा से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
लाइसेंस पर खतरा: परिवहन विभाग को ड्राइवर का कमर्शियल लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश भेजी गई है।
जांच के आदेश: इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या उसने पहले भी इस तरह एंबुलेंस का गलत इस्तेमाल किया है।
“108 एंबुलेंस सेवा लोगों की जान बचाने के लिए है। इसका दुरुपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे नौकरी से निकाल दिया गया है।”
— (संबंधित विभाग के अधिकारी)
दर्पण 24 न्यूज की राय
यह घटना एक चेतावनी है। एक तरफ जहां एंबुलेंस न मिलने के कारण लोग दम तोड़ देते हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे गैर-जिम्मेदार लोग सिस्टम का मजाक उड़ा रहे हैं। ऐसे ड्राइवरों पर न केवल विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए, बल्कि भारी जुर्माना भी लगना चाहिए ताकि भविष्य में कोई ‘इमरजेंसी’ के सायरन का अपमान न कर सके।
ब्यूरो रिपोर्ट, दर्पण 24 न्यूज
इमरजेंसी के सायरन में ‘इश्क’ का शोर: कॉलेज छात्रा को घुमा रहा था 108 एंबुलेंस ड्राइवर, पकड़ा गया तो बोला- ‘मेरी बहन है’
