भोपाल केन्द्रीय जेल में 25 अप्रैल को विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, हजारों बंदियों को मिलेगा लाभ

भोपाल। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, जबलपुर के निर्देशानुसार प्रदेशभर की जेलों में बंदियों के स्वास्थ्य और विधिक सहायता को लेकर एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आगामी 25 अप्रैल 2026, शनिवार को प्रातः 9:00 बजे केन्द्रीय जेल भोपाल में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा।
यह विशेष शिविर माननीय न्यायाधिपति श्री विवेक अग्रवाल, न्यायाधीश, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, जबलपुर के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, मुख्य पीठ जबलपुर के क्षेत्राधिकार में आने वाली सभी प्रमुख जेलों में एक साथ स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।
प्रदेश की सभी प्रमुख जेलें शामिल
इस विशेष स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत केन्द्रीय जेल जबलपुर, भोपाल, सतना, रीवा, होशंगाबाद, सागर, नरसिंहपुर सहित जिला जेल सीहोर, रायसेन, खंडवा, बुरहानपुर, शहडोल, सीधी, उमरिया, अनूपपुर, छतरपुर, दमोह, टीकमगढ़, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट सहित अनेक जिला एवं उपजेलों में भी मेडिकल कॉलेजों की विशेषज्ञ टीम द्वारा कैदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगा शुभारंभ
इस पूरे अभियान का शुभारंभ माननीय न्यायाधिपतिगण द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केन्द्रीय जेल जबलपुर से किया जाएगा। इसके साथ ही सभी जेलों में एक साथ यह स्वास्थ्य परीक्षण अभियान प्रारंभ होगा, जिससे हजारों बंदियों को लाभ मिलेगा।
प्रत्येक बंदी का बनेगा हेल्थ कार्ड
भोपाल केन्द्रीय जेल में आयोजित होने वाले इस शिविर में प्रत्येक बंदी का विस्तृत हेल्थ कार्ड तैयार किया जाएगा। इस कार्ड में बंदी की बीमारियों, स्वास्थ्य स्थिति, उपचार संबंधी आवश्यकताओं तथा खान-पान संबंधी दिशा-निर्देश दर्ज किए जाएंगे।
हेल्थ कार्ड की एक प्रति संबंधित बंदी को भी प्रदान की जाएगी, जिससे उन्हें अपनी स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सकीय सलाह की जानकारी उपलब्ध रहे।
जेल प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि यदि किसी बंदी को विशेष चिकित्सा आवश्यकता होती है तो जेल के भीतर संचालित चिकित्सालय में तैनात डॉक्टर एवं स्टाफ द्वारा तत्काल आवश्यक कार्यवाही की जाए।
विधिक सहायता शिविर भी होगा आयोजित
स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के साथ ही विधिक सहायता शिविर का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें पैनल अधिवक्ताओं एवं लीगल एड डिफेंस काउंसिल की ड्यूटी लगाकर बंदियों को उनके प्रकरणों की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी जाएगी तथा उन्हें आवश्यक कानूनी सहायता भी प्रदान की जाएगी।
यह पहल जेल में निरुद्ध बंदियों को न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज की भूमिका
इस आयोजन के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल, जेपी जिला चिकित्सालय तथा हमीदिया मेडिकल कॉलेज भोपाल के अधीक्षक एवं डीन को पूर्व में ही आवश्यक पत्राचार किया जा चुका है। मेडिकल कॉलेजों की विशेषज्ञ टीम बंदियों की जांच करेगी और आवश्यक परामर्श देगी।
प्रशासन का मानवीय प्रयास
यह संपूर्ण अभियान राज्य सरकार, विधि विभाग एवं न्यायपालिका के संयुक्त प्रयासों से संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जेलों में बंद बंदियों के स्वास्थ्य अधिकारों को सुनिश्चित करना तथा उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
दर्पण 24 न्यूज, भोपाल
यह पहल जेल सुधार और बंदियों के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और मानवीय कदम के रूप में देखी जा रही है, जिससे हजारों बंदियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।

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