विक्रम संवत 2083 का भव्य आगाज़: कटनी में सूर्य उपासना के साथ ब्रह्मध्वज स्थापना, विक्रमोत्सव-2026 में उमड़ा जनसैलाब

दर्पण 24 न्यूज | विशेष रिपोर्ट
कटनी। भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2083 के शुभारंभ पर कटनी शहर में आस्था, संस्कृति और परंपरा का भव्य संगम देखने को मिला। गुरुवार को बस स्टैंड स्थित ऑडिटोरियम में विक्रमोत्सव-2026 का आयोजन बड़े ही गरिमामय और उल्लासपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान सूर्य की उपासना और पूरे विधि-विधान से ब्रह्मध्वज स्थापना के साथ हुई, जिसने नववर्ष के आगमन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
इस अवसर पर मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल, कलेक्टर आशीष तिवारी, निगमायुक्त तपस्या परिहार, जिला भाजपा अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी, पूर्व महापौर शशांक श्रीवास्तव, रामरतन पायल, अल्का जैन सहित कई जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और नागरिकों की सहभागिता ने आयोजन को जन-उत्सव का रूप दे दिया।


संस्कृति और इतिहास का अद्भुत संगम
कार्यक्रम में संप्रेषणा नाट्य मंच द्वारा सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित नाटक का प्रभावशाली मंचन किया गया। इसके साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों के प्रदर्शन को खूब सराहना मिली और कार्यक्रम स्थल तालियों की गूंज से भर उठा।

प्रेरणादायक संबोधन
विधायक संदीप जायसवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि सम्राट विक्रमादित्य न्याय, वीरता और ज्ञान के प्रतीक हैं। नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने धर्म और विज्ञान को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
वहीं जिला भाजपा अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी ने नवसंवत्सर को सृष्टि के आरंभ का पावन पर्व बताते हुए सम्राट विक्रमादित्य के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।

परंपरा के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। अंत में नाट्य दल के कलाकारों को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की गई।
कटनी में इस आयोजन ने न केवल नववर्ष के स्वागत को भव्य बनाया, बल्कि सांस्कृतिक चेतना और ऐतिहासिक गौरव को भी नई ऊर्जा दी।
दर्पण 24 न्यूज
“संस्कृति से जुड़ाव ही समाज की असली ताकत है।”

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