सम्पादक दिनेश कुमार दर्पण 24 न्यूज़
कटनी। नगर निगम और जनता के बीच वर्षों से चल रहे “तुम भरोगे नहीं – हम छोड़ेंगे नहीं” वाले ऐतिहासिक रिश्ते में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। 14 मार्च 2026, शनिवार को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में नगर निगम ने जनता पर अचानक दया दिखाते हुए संपत्तिकर और जलकर के बकाया पर सरचार्ज में 100% तक की छूट देने का एलान किया है।
जी हां, वही नगर निगम जो पूरे साल नोटिस, ब्याज, पेनल्टी और चक्कर लगवाने में कोई कसर नहीं छोड़ता, वही अब जनता से कह रहा है — “आओ बेटा, सारा पुराना हिसाब खत्म कर दो, हम भी सरचार्ज माफ कर देंगे।”
दरअसल वर्षों से कई लोग संपत्तिकर और जलकर की फाइलों को ऐसे संभाल कर रखे हुए थे जैसे यह कोई विरासत हो। कुछ लोग तो यह भी मान बैठे थे कि “नगर निगम भूल गया होगा”। लेकिन निगम ने याद दिलाया कि सरकार की याददाश्त हाथी जैसी होती है — बस मौका आने का इंतजार रहता है।
नगर निगम के सूत्रों का कहना है कि लोक अदालत में जो भी नागरिक अपना बकाया जमा करेगा, उसे सरचार्ज में पूरी छूट मिल सकती है। यानी जो पैसा ब्याज और पेनल्टी के नाम पर बढ़ता जा रहा था, उसे अचानक “सरकारी करुणा” का लाभ मिल जाएगा।
हालांकि शहर के कुछ अनुभवी नागरिकों का कहना है कि यह ऑफर भी किसी सरकारी सेल से कम नहीं है —
“साल भर टैक्स मत भरो, फिर लोक अदालत में जाओ और छूट लेकर हीरो बनकर आ जाओ।”
उधर नगर निगम भी खुश है, क्योंकि वर्षों से फाइलों में सोया हुआ बकाया अचानक जाग जाएगा और खजाने में पैसा आ जाएगा। यानी यह ऐसा सौदा है जिसमें सरकार भी खुश और जनता भी खुश — बस वो लोग थोड़ा दुखी हैं जो समय पर टैक्स भरते रहे।
नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि 14 मार्च को नेशनल लोक अदालत में पहुंचकर अपना बकाया संपत्तिकर और जलकर जमा करें और सरचार्ज में 100% तक की छूट का लाभ उठाएं।
अब देखना यह है कि जनता इस “सरकारी छूट उत्सव” में कितनी उत्साह से भाग लेती है —
क्योंकि भारतीय नागरिकों को छूट शब्द से जितना प्रेम है, उतना शायद टैक्स से कभी नहीं रहा।
✍️ दर्पण 24 न्यूज
