राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पर शासकीय कन्या महाविद्यालय कटनी में व्याख्यान आयोजित, छात्राओं को साइबर सुरक्षा व आत्मरक्षा के प्रति किया गया जागरूक

दर्पण 24 न्यूज़ | कटनी | रिपोर्ट – राजकुमारी मिश्रा

कटनी स्थित Government Girls College Katni में राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के अवसर पर 10 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के तत्वाधान में तथा Department of Higher Education Madhya Pradesh के निर्देशानुसार संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने के लिए उन्हें तैयार करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की प्राचार्य Dr. Chitra Prabhat के मार्गदर्शन में माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और वंदना के साथ हुई। अपने संबोधन में डॉ. चित्रा प्रभात ने छात्राओं को राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व और वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा केवल व्यक्तिगत सुरक्षा ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित Dr. Santosh Deharia ने छात्राओं को साइबर फ्रॉड से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग लिंक, फर्जी वेबसाइट, OTP स्कैम और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने के खतरों के बारे में विस्तार से समझाया। डॉ. डेहरिया ने छात्राओं को सलाह दी कि वे मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल से सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है

इस अवसर पर Neha Pachisiya ने छात्राओं को स्वयं की सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घर से बाहर निकलते समय, सार्वजनिक स्थानों पर और यात्रा के दौरान किन-किन सावधानियों का पालन करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा के सरल तरीके, आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया, ताकि महिलाएं हर परिस्थिति में स्वयं को सुरक्षित रख सकें।

कार्यक्रम में Shiva Pathak ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए साइबर सुरक्षा और भौतिक सुरक्षा के बीच गहरे संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डिजिटल दुनिया में सुरक्षा बनाए रखने के साथ-साथ वास्तविक जीवन में भी सतर्क रहना उतना ही जरूरी है।

इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की प्रभारी Dr. Roshni Pandey की विशेष भूमिका रही। सहसंयोजक Shilpi Kumari Singh तथा प्रकोष्ठ के अन्य सदस्यों के समन्वय और अथक प्रयासों से कार्यक्रम का आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हुआ।

इस अवसर पर महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापकगण उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. विमला मिंज, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी, डॉ. अमिताभ पांडेय, श्री के.जे. सिन्हा, श्रीमती बंदना मिश्रा, सुश्री मिथलेश्वरी, डॉ. अशोक शर्मा, श्री भीम बर्मन, श्री प्रेमलाल कोवरे, श्रीमती प्रियंका सोनी, श्रीमती स्मृति दहायत, श्रीमती आरती वर्मा, श्रीमती मीनाक्षी वर्मा, डॉ. सोनिया कश्यप, श्री अंजनेय तिवारी, डॉ. पी.सी. कोरी, डॉ. प्रतिमा सिंह, डॉ. सृष्टि श्रीवास्तव, डॉ. अनिल द्विवेदी, डॉ. अशुतोष द्विवेदी, डॉ. रंजना वर्मा, डॉ. श्रद्धा वर्मा, डॉ. मैत्रेयी शुक्ला, डॉ. अपर्णा मिश्रा, डॉ. मदन सिंह मरावी, सुश्री पूजा सिंह राजपूत सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और व्याख्यान से प्राप्त महत्वपूर्ण जानकारियों को आत्मसात किया।

कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक रहकर ही एक सुरक्षित समाज का निर्माण किया जा सकता है। यह आयोजन न केवल छात्राओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल्यों को आधुनिक संदर्भ में जोड़ते हुए राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा को मजबूत करने का संदेश भी देने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

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