जुलवानिया में ‘रात तीन बजे’ दफन, सुबह होते ही हंगामा – आदिवासी समाज का विरोध, प्रशासन हरकत में

राजपुर (जुलवानिया)। ग्राम पंचायत जुलवानिया की हलडढ़ फलिया में एक महिला के निधन के बाद हुए अंतिम संस्कार को लेकर गांव में विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि रात्रि लगभग 3 बजे कुछ लोगों द्वारा ईसाई रीति से शव को ग्राम की भूमि पर दफनाया गया। सुबह होते-होते यह मामला पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गया और आदिवासी समाज ने इसका विरोध जताया।

ग्रामीणों का कहना है कि बिना ग्राम सभा की जानकारी और अनुमति के इस तरह से दफनाना उनकी परंपराओं के विरुद्ध है। मामले की सूचना थाना जुलवानिया में दी गई और जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक विजय गोरे के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।

सूचना मिलते ही राजपुर के एसडीएम और तहसीलदार के निर्देश पर प्रशासन मौके पर पहुंचा। बताया जा रहा है कि प्रशासनिक आदेश के तहत शव को वहां से निकालकर विधि-सम्मत स्थान पर अंतिम संस्कार कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अंतिम संस्कार संबंधित नियमों और निर्धारित स्थलों पर ही किया जाना चाहिए।

इस पूरे घटनाक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता रवि चौहान सहित कई ग्रामीणों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि गांव की परंपराओं और कानून की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। वहीं प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।

गांव में अब चर्चा इस बात की है कि “रात के सन्नाटे में किए गए काम” आखिर सुबह की पंचायत में क्यों आकर खड़े हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक स्वतंत्रता अपनी जगह है, लेकिन नियम और सामाजिक सहमति भी उतनी ही जरूरी है।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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