माई नदी के किनारे विकास का रैम्प: पहले मिट्टी डालो, फिर सफाई में बोलो – सब यथास्थिति कर देंगे!”

(दर्पण 24 न्यूज विशेष रिपोर्ट)

संवाददाता राजकुमारी मिश्रा 

कटनी। विकास की गाड़ी अब सड़कों से उतरकर सीधे नदी किनारे दौड़ने लगी है। मामला है कटनी का, जहां माई नदी के तट पर बिना अनुमति मिट्टी निकालकर नाला पुराई और सीवर लाइन के नाम पर एक शानदार “अस्थायी रैम्प” तैयार कर दिया गया।

जब तक नदी चुप थी, काम चालू था। लेकिन जैसे ही मामला प्रशासन की नजर में आया, विकास की रफ्तार पर ब्रेक लग गया।

एसडीएम प्रमोद कुमार चतुर्वेदी ने संयुक्त निरीक्षण के बाद नगर निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर और ठेकेदार फर्म जयंती सुपर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि हार्दिक पटेल को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।

विकास की नई परिभाषा: “पहले डालो, फिर हटा देंगे”

स्थल निरीक्षण में पता चला कि लगभग 5×200 मीटर क्षेत्र में मिट्टी डालकर अस्थायी रास्ता बना दिया गया था। जेसीबी चालक भी साफ-साफ बता गए कि उन्हें नाला पुराई के लिए भेजा गया था।

संविदा प्रतिनिधि ने भरोसा दिलाया कि “लाइन बिछने के बाद सब कुछ पहले जैसा कर दिया जाएगा।”

यानी फिलहाल नदी को थोड़ा एडजस्ट करना होगा, बाद में सब ‘यथास्थिति’ में लौट आएगा।

कानून भी मौजूद है… याद दिलाने के लिए

मामले को गंभीर मानते हुए एसडीएम ने मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 253 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस धारा के अंतर्गत 50 हजार रुपये तक का दंड और सामग्री अधिग्रहण का प्रावधान है।

अब संबंधित पक्ष को 28 फरवरी 2026 को उपस्थित होकर जवाब देना है। अन्यथा “एकपक्षीय कार्रवाई” का विकल्प तो प्रशासन के पास सुरक्षित है ही।

सवालों की धूल अभी बैठी नहीं

क्या नदी किनारे रैम्प बनाना भी स्मार्ट सिटी का हिस्सा है?

क्या अनुमति लेना अब ‘ऑप्शनल’ सुविधा हो गई है?

और क्या हर अस्थायी निर्माण का स्थायी बहाना होता है — “काम खत्म होने के बाद सब ठीक कर देंगे”?

कटनी में विकास की परिभाषा इन दिनों बड़ी लचीली है—जहां पहले मिट्टी डलती है, फिर नोटिस निकलता है, और अंत में जवाबी कार्रवाई का इंतजार होता है।

फिलहाल माई नदी किनारे की मिट्टी से ज्यादा हलचल कागजों में है। देखना यह है कि 28 फरवरी को जवाब आता है या फिर मामला भी “यथास्थिति” में डाल दिया जाता है।

(दर्पण 24 न्यूज – आईना वही, जो साफ दिखाए… चाहे मिट्टी ही क्यों न लगी हो!)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *