भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए लगभग ₹4.38 लाख करोड़ का बजट पेश किया। राज्य के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत इस बजट में किसानों, महिलाओं, युवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने साफ किया कि बजट का उद्देश्य राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
किसानों के लिए प्रमुख घोषणाएँ
बजट में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया गया है। किसानों को 1 लाख सोलर पंप देने की योजना बनाई गई है, जिससे बिजली खर्च कम होगा। सिंचाई परियोजनाओं में निवेश बढ़ाकर खेतों तक पानी पहुंचाने पर जोर दिया गया है। फसल खरीद व्यवस्था मजबूत करने, कृषि उपकरणों और नई तकनीक को बढ़ावा देने के साथ पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के लिए भी योजनाएँ घोषित की गई हैं। ग्रामीण सड़कों के विस्तार से किसानों को मंडियों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
युवाओं को रोजगार और अवसर
सरकार ने युवाओं को रोजगार देने पर भी ध्यान दिया है। बजट में 15 हजार शिक्षकों की भर्ती और पुलिस विभाग में लगभग 22,500 पदों पर भर्ती की घोषणा की गई है। स्किल डेवलपमेंट योजनाओं का विस्तार, नए उद्योगों को आकर्षित करने की नीति, स्टार्टअप और स्वरोजगार को बढ़ावा देने जैसे कदम भी शामिल हैं। शिक्षा क्षेत्र के बजट में वृद्धि कर युवाओं को बेहतर अवसर देने की बात कही गई है।
महिलाओं के लिए बड़ा प्रावधान
महिलाओं से जुड़ी योजनाओं पर सबसे ज्यादा फोकस रखा गया है। लाड़ली बहना योजना के लिए लगभग ₹23,800 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जबकि महिला योजनाओं पर कुल ₹1.27 लाख करोड़ खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। पोषण, स्वास्थ्य और स्व-रोजगार योजनाओं को भी मजबूत किया जाएगा।
स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास कार्य
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए करीब ₹23,700 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें नए अस्पताल और मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना शामिल है। कक्षा 8 तक बच्चों को दूध देने की योजना भी घोषित की गई है। सड़क निर्माण के लिए लगभग ₹12,600 करोड़, शहरी विकास, मेट्रो और ई-बस परियोजनाओं के लिए बजट रखा गया है। सरकार ने 10 लाख नए घर बनाने और हजारों गांवों को सड़क से जोड़ने का लक्ष्य भी रखा है।
कोई नया टैक्स नहीं
सरकार ने इस बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाने की घोषणा की है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
2047 का लक्ष्य
सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना है।
(रिपोर्ट — दर्पण 24 न्यूज़
