दर्पण 24 न्यूज | विशेष रिपोर्ट
कटनी/भोपाल।देश में प्रस्तावित जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस कड़ी में जिला प्रशासन ने सभी नगरीय निकायों से उनकी सीमाओं (वार्ड/क्षेत्र) की विस्तृत जानकारी मांगी है। इसका मुख्य उद्देश्य लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, नगरीय क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विस्तार, नए वार्डों के गठन और जनसंख्या घनत्व में बदलाव को ध्यान में रखते हुए यह जानकारी आवश्यक मानी जा रही है। सीमाओं के अद्यतन आंकड़ों से यह स्पष्ट होगा कि किस क्षेत्र में जनसंख्या बढ़ी है और किस क्षेत्र में घटाव हुआ है, जिससे परिसीमन के दौरान संतुलन बनाए रखा जा सकेगा।
दो चरणों में होगी जनगणना
जनगणना 2027 दो चरणों में संपन्न होगी।
पहला चरण (हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस): इसमें मकानों की स्थिति, उपयोग, सुविधाएं, पेयजल, शौचालय, बिजली, एलपीजी, इंटरनेट आदि से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी।
दूसरा चरण (जनसंख्या गणना): इसमें आबादी के साथ-साथ जाति, धर्म, शिक्षा, रोजगार सहित अन्य सामाजिक-आर्थिक आंकड़े एकत्र किए जाएंगे।
पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना
इस बार जनगणना को पूरी तरह डिजिटल बनाया जा रहा है। गणनाकर्मी मोबाइल एप और टैबलेट के माध्यम से डाटा संग्रह करेंगे। साथ ही, नागरिकों को सेल्फ एन्यूमरेशन (स्वयं जानकारी भरने) का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा।
नगरीय नियोजन और सुविधाओं में होगा सुधार
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रक्रिया से न केवल परिसीमन आसान होगा, बल्कि शहरी नियोजन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, जलापूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं की बेहतर योजना बनाने में भी मदद मिलेगी।
प्रशासन ने निकायों से मांगा सहयोग
जिला प्रशासन ने सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषदों से अपील की है कि वे समय-सीमा के भीतर अपनी-अपनी सीमाओं और वार्डों से संबंधित सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जनगणना 2027 की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके।
— दर्पण 24 न्यूज
