रीवा/सतना।
मध्य प्रदेश की धरती पर सीमेंट उद्योग में एक और बड़ा “सेटिंग” अपडेट आ चुका है। UltraTech Cement (जेपी ग्रुप) के रीवा प्लांट और सतना का बाबूपुर प्लांट अब आधिकारिक तौर पर Adani Group के अधीन हो गए हैं। करीब 12 हजार करोड़ की इस डील ने उद्योग जगत में हलचल मचा दी है—और नाबस्ता प्लांट में सामूहिक भोज ने माहौल को पूरी तरह “मसालेदार” बना दिया।

कहते हैं, जब बड़े लोग सौदा करते हैं तो छोटे लोग “भोज” करते हैं। यही नज़ारा आज नाबस्ता में देखने को मिला—जहाँ प्लेटों में पूड़ी-सब्ज़ी थी और चर्चा में “किसका फायदा, किसका घाटा”।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “मालिक बदल गया, लेकिन मजदूर की मजदूरी और गांव की धूल वही है।” वहीं कुछ लोग इसे विकास की नई सीमेंटेड सड़क बता रहे हैं—जिस पर उम्मीदों की गाड़ी दौड़ाई जा रही है।
राजनीतिक गलियारों में भी इस डील की गूंज है। कोई इसे निवेश का बड़ा कदम बता रहा है, तो कोई कह रहा है—“सीमेंट तो मजबूत होगा, पर क्या भरोसा भी उतना ही मजबूत रहेगा?”
नाबस्ता में हुए सामूहिक भोज में नेताओं से लेकर स्थानीय प्रभावशाली चेहरे तक सब मौजूद रहे। ऐसा लग रहा था मानो डील की “डाइजेस्टिव मीटिंग” चल रही हो—जहाँ हर निवाला एक नई संभावना और हर मिठाई एक नया वादा परोस रही थी।
इस पूरे घटनाक्रम पर एक बुजुर्ग की टिप्पणी सबसे सटीक लगी—
“बेटा, पहले सीमेंट कंपनी दीवार बनाती थी, अब दीवारें कंपनी बना रही हैं!”
फिलहाल, जनता इंतज़ार में है—कि ये 12 हजार करोड़ की मजबूती उनके जीवन में भी कुछ “कंक्रीट” बदलाव लाएगी या फिर ये भी एक और ‘प्लास्टर ऑफ पेरिस’ जैसा मामला साबित होगा।
(दर्पण 24 न्यूज – खबर वही, जो दिखे भी और चुभे भी!)
