जबलपुर (मध्य प्रदेश)। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में संचालित निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 निजी अस्पतालों तथा 121 निजी क्लीनिकों के पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) निरस्त कर दिए हैं। यह कार्रवाई पंजीयन नवीनीकरण, दस्तावेजों की कमी और निरीक्षण में खामियां पाए जाने के बाद की गई है।
कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जबलपुर द्वारा जारी मीडिया विज्ञप्ति के अनुसार, मध्य प्रदेश शासन के उपचर्या गृह एवं रोगोपचार संबंधी स्थापना (पंजीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 एवं नियम 1997 (संशोधित 2021) के तहत निजी अस्पतालों और क्लीनिकों को हर तीन वर्ष में पंजीयन का नवीनीकरण कराना अनिवार्य है।
नवीनीकरण प्रक्रिया और जांच
विभाग द्वारा बताया गया कि पंजीयन नवीनीकरण की प्रक्रिया हर वर्ष 1 जनवरी से 28 फरवरी तक MP Online पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाती है। इसके बाद संबंधित संस्थानों का निरीक्षण कर दस्तावेजों की जांच की जाती है।
वर्ष 2025-26 में:
55 अस्पतालों का नवीनीकरण प्रस्तावित था
इनमें से
2 अस्पतालों ने स्वयं बंद करने के लिए आवेदन दिया
1 अस्पताल ने नवीनीकरण के लिए आवेदन ही नहीं किया
1 अस्पताल के दस्तावेज सत्यापित नहीं पाए गए
1 अस्पताल में निरीक्षण के दौरान पर्याप्त स्टाफ नहीं मिला
इसी तरह, जिले में कुल 240 क्लीनिकों में से:
89 क्लीनिकों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया
32 क्लीनिकों ने अधूरे या अपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत किए
इन सभी कारणों से उनका पंजीयन निरस्त कर दिया गया।
निरस्त किए गए प्रमुख अस्पताल
जिन 5 अस्पतालों का पंजीयन निरस्त किया गया, उनमें शामिल हैं:
Batalia Eye Hospital (स्व-समापन आवेदन)
Namdeo Nursing Homes (नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं)
S C Gupta Memorial Hospital and Research Center (निरीक्षण में स्टाफ की कमी)
Sankalp Hospital (भवन अनुमति संबंधी आपत्तियां)
Sarkar Hospital (स्व-समापन आवेदन)
10 अप्रैल 2026 के बाद संचालन पर रोक
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन अस्पतालों और क्लीनिकों का पंजीयन निरस्त या अस्वीकृत किया गया है, वे 10 अप्रैल 2026 के बाद संचालन नहीं कर सकेंगे।
विभाग के सख्त निर्देश
संबंधित संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि:
तत्काल प्रभाव से नए मरीज भर्ती न करें
वर्तमान मरीजों का समुचित उपचार कर डिस्चार्ज करें
अस्पताल/क्लीनिक का संचालन बंद करें
साथ ही जिन संस्थानों का पंजीयन निरस्त किया गया है, उन्हें अपने भवन के बाहर लगे नाम-पट्ट (बोर्ड) हटाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
नियम उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि बिना वैध पंजीयन के अस्पताल या क्लीनिक संचालित पाए जाने पर मध्य प्रदेश नर्सिंग होम एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिर से आवेदन का मौका
जिन संस्थानों ने समय सीमा में आवेदन नहीं किया है, उन्हें MP Online के माध्यम से पुनः आवेदन करने का अवसर दिया गया है। निरीक्षण में सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही उन्हें दोबारा पंजीयन प्रदान किया जाएगा।
यह कार्रवाई स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे मरीजों को सुरक्षित और मानक अनुसार उपचार मिल
जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: 5 निजी अस्पतालों और 121 क्लीनिकों के पंजीयन निरस्त
