कटनी। जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से लागू की गई ई-विकास प्रणाली का पालन न करने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। विकासखंड बड़वारा के अंतर्गत बरही स्थित एक उर्वरक विक्रय संस्थान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशानुसार जिले में उर्वरकों का वितरण अब पूरी तरह ई-विकास प्रणाली के माध्यम से अनिवार्य किया गया है, ताकि किसानों को समय पर और पारदर्शी तरीके से खाद उपलब्ध हो सके तथा कालाबाजारी और अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।
इसी क्रम में मेसर्स श्री रामराज खाद बीज भंडार (संचालक अनिल कुमार यादव), अमरपुर रोड, बरही द्वारा शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद निर्धारित अवधि 3 एवं 5 अप्रैल को उर्वरकों का विक्रय ई-विकास प्रणाली के माध्यम से दर्ज नहीं किया गया। यह मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी अनिवार्य निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन पाया गया।
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए उपसंचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, अरूणिमा सेन आयंगर ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 तथा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए संबंधित फर्म का उर्वरक विक्रय लाइसेंस, जो 7 जून 2028 तक वैध था, तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित विक्रेता को सात दिवस के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा। यदि दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो लाइसेंस को स्थायी रूप से निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही निलंबन अवधि के दौरान संबंधित संस्थान को उर्वरक क्रय-विक्रय की पूर्ण रूप से अनुमति नहीं होगी। यदि आदेश का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध आगे और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ई-विकास प्रणाली का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं पर इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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ई-विकास प्रणाली का उल्लंघन करने पर खाद-बीज विक्रेता का लाइसेंस निलंबित, कलेक्टर के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई
