नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े संघर्ष के बीच भारत सरकार ने अपने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने आपात रणनीति बनाते हुए खाड़ी क्षेत्र में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू प्लान तैयार किया है।
सूत्रों के मुताबिक, पेट्रोलियम मंत्रालय और शिपिंग मंत्रालय के संयुक्त आकलन में कुल 18 जहाजों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें संभावित खतरे के मद्देनज़र रेस्क्यू सूची में रखा गया है। इनमें 5 भारतीय जहाज भी शामिल हैं, जिन पर सवार भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
सरकार ने नौसेना और अन्य समुद्री सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है। भारतीय नौसेना खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया जाएगा।
नाविकों की सुरक्षा पर विशेष फोकस
इन जहाजों पर कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सरकार ने संबंधित कंपनियों और जहाज मालिकों से लगातार संपर्क बनाए रखा है ताकि हालात बिगड़ने पर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जा सके।
तेल आपूर्ति पर भी नजर
खाड़ी क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में भारत ने कच्चे तेल की आपूर्ति पर संभावित असर को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी काम शुरू कर दिया है। सरकार का उद्देश्य है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति बाधित न हो।
स्थिति पर लगातार नजर
सरकार के उच्चस्तरीय अधिकारी लगातार हालात की समीक्षा कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और शिपिंग मंत्रालय के बीच समन्वय बनाकर एक व्यापक रणनीति तैयार की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ता है, तो भारत बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला सकता है, जैसा कि पहले भी संकट के समय किया जा चुका है।
दर्पण 24 न्यूज के लिए यह खबर बताती है कि भारत न केवल अपने नागरिकों बल्कि अपने समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए भी पूरी तरह सतर्क और तैयार है।
खाड़ी में फंसे जहाज! जंग के बीच भारत का बड़ा रेस्क्यू प्लान, 18 जहाजों की लिस्ट तैयार
