दर्पण 24 न्यूज — आपकी आवाज, किसानों के साथ
कटनी/मध्यप्रदेश। बदलते मौसम और लगातार हो रही अतिवृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। ऐसे हालात में घबराने की बजाय सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा पाने का सबसे बड़ा नियम है — नुकसान के 72 घंटे के अंदर शिकायत दर्ज करना अनिवार्य है।
🌾 “समय पर सूचना = पूरा हक का मुआवजा”
कई किसान जानकारी के अभाव में शिकायत देर से करते हैं और उनका क्लेम रिजेक्ट हो जाता है। ऐसे में यह खबर हर किसान तक पहुंचना बेहद जरूरी है।
📢 कैसे करें तुरंत शिकायत?
अगर आपकी फसल बारिश या अतिवृष्टि से खराब हुई है और आपने बीमा कराया है, तो तुरंत इन माध्यमों से शिकायत दर्ज करें:
📞 टोल फ्री नंबर: 14447
📱 मोबाइल ऐप: Crop Insurance App
💬 WhatsApp चैटबॉट: 7065514447
📄 शिकायत के लिए जरूरी दस्तावेज
✔ आधार कार्ड
✔ पंजीकृत मोबाइल नंबर
✔ बीमा पॉलिसी नंबर (यदि उपलब्ध हो)
📊 बीमा कंपनी को क्या जानकारी दें?
✔ फसल की स्थिति — खड़ी या कटी हुई
✔ बारिश का समय — कटाई के कितने दिन बाद नुकसान हुआ
⚠️ सबसे जरूरी नियम जान लें
👉 खड़ी फसल पर व्यक्तिगत क्लेम नहीं मिलता
👉 कटाई के बाद खेत में रखी फसल, सुखाने या मड़ाई के दौरान नुकसान पर ही मुआवजा मिलेगा
⏰ डेडलाइन याद रखें
👉 नुकसान होने के 72 घंटे के अंदर शिकायत दर्ज करना जरूरी
👉 देरी होने पर क्लेम सीधे खारिज हो सकता है
🔥 दमदार संदेश
“एक गलती और पूरी मेहनत बेकार — 72 घंटे का नियम नहीं माना तो मुआवजा भूल जाइए!”
🙏 किसान हित में अपील:
इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाएं ताकि कोई भी किसान अपने हक के मुआवजे से वंचित न रहे।
