कटनी। जिले में आगामी महीनों में पशुओं के लिए चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी आशीष तिवारी ने समस्त प्रकार के पशु चारे के जिले की सीमा के बाहर निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
जारी आदेश के अनुसार यह निर्णय मध्यप्रदेश पशु चारा (निर्यात नियंत्रण) आदेश 2000 के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में चारे की मांग बढ़ सकती है, ऐसे में जिले के भीतर इसकी उपलब्धता बनाए रखना आवश्यक है।
📌 किन-किन चीजों पर लगा प्रतिबंध
कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशों के तहत निम्न प्रकार के पशु चारे को जिले से बाहर भेजना पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है—
कड़वी (ज्वार के डंठल)
पैरा (धान के डंठल)
गेहूं का भूसा
घास
अन्य सभी प्रकार के पशु आहार
🚫 बिना अनुमति नहीं होगा निर्यात
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी कृषक, व्यापारी या व्यक्ति बिना कलेक्टर की पूर्व अनुमति (अनुज्ञा पत्र) के पशु चारा जिले की सीमा से बाहर नहीं ले जा सकेगा। यह प्रतिबंध सभी प्रकार के परिवहन माध्यमों—जैसे ट्रक, रेल, मोटर वाहन, बैलगाड़ी, नाव या पैदल—पर समान रूप से लागू होगा।
⚠️ नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई व्यक्ति न केवल चारा निर्यात नहीं करेगा, बल्कि निर्यात करने का प्रयास या किसी को इसके लिए उकसाना भी दंडनीय होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
🐄 पशुपालकों को मिलेगा लाभ
इस फैसले से जिले के पशुपालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। चारे की स्थानीय उपलब्धता बनी रहने से पशुओं के पोषण और दुग्ध उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने सभी किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों से इस आदेश का पालन करने की अपील की है, ताकि जिले में पशु चारे की कमी की स्थिति उत्पन्न न हो।
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कटनी में पशु चारे के बाहर भेजने पर लगा प्रतिबंध, कलेक्टर का सख्त आदेश
