दर्पण 24 न्यूज | ग्रामीण कमाई की नई राह
गडरारोड/राजस्थानपश्चिमी राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में उगने वाली पारंपरिक सब्जी कैर-सांगरी अब किसानों और ग्रामीणों के लिए कमाई का मजबूत साधन बनती जा रही है। कभी स्थानीय स्तर पर उपयोग होने वाली यह देसी सब्जी अब बड़े शहरों की पसंद बन चुकी है, जिसके चलते इसके दाम और मांग दोनों में तेजी आई है।
📈 शहरों में बढ़ी मांग, अच्छे दाम
जानकारी के अनुसार स्थानीय बाजारों में ताजी कैर-सांगरी 200 से 250 रुपए प्रति किलो बिक रही है, जबकि बड़े शहरों में इसकी कीमत 400 से 500 रुपए प्रति किलो तक पहुंच जाती है। वहीं सूखी कैर-सांगरी के दाम 1200 से 1500 रुपए प्रति किलो तक स्थिर बने रहते हैं।
पहले ग्रामीण इसे सुखाकर सालभर उपयोग करते थे, लेकिन अब शहरी उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग के कारण यह सीधे बाजार में बिक रही है और किसानों को अच्छा मुनाफा मिल रहा है।
🌿 बिना रसायनों की शुद्ध सब्जी
रासायनिक खादों से भरी सब्जियों के बीच कैर-सांगरी पूरी तरह प्राकृतिक और जैविक मानी जाती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग इसे “सुपरफूड” के रूप में अपना रहे हैं।
इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं।
💊 औषधीय गुणों से बढ़ी लोकप्रियता
विशेषज्ञों के अनुसार कैर-सांगरी का सेवन
ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल में सहायक
कोलेस्ट्रॉल कम करने में मददगार
पाचन और इम्यूनिटी के लिए लाभकारी
इसी वजह से डॉक्टर भी इसे नियमित आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं।
👨🌾 ग्रामीणों की बदली जिंदगी
गांवों में पहले कैर-सांगरी को या तो पशुओं को खिला दिया जाता था या फेंक दिया जाता था, लेकिन अब यही उत्पाद ग्रामीणों की आय का प्रमुख स्रोत बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि अब वे सुबह से शाम तक कैर-सांगरी इकट्ठा कर बाजार में बेचते हैं और उन्हें अच्छे दाम मिल रहे हैं। बड़े शहरों से सीधे ऑर्डर मिलने से आमदनी में और बढ़ोतरी हुई है।
🌍 देशभर में फैल रही मांग
राजस्थान के अलावा जयपुर, जोधपुर, अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा जैसे बड़े शहरों में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
📝 निष्कर्ष
कैर-सांगरी अब सिर्फ पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला “ग्रीन गोल्ड” बनती जा रही है। कम पानी में उगने वाली यह प्राकृतिक फसल किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है और बदलती जीवनशैली में स्वास्थ्य के साथ आय का भी मजबूत आधार बन रही है।
