दर्पण 24 न्यूज | आष्टा से बड़ी खबर
आष्टा। नवरात्रि के पावन पर्व की शुरुआत और ईद से ठीक पहले आष्टा नगर में इंसानियत की ऐसी मिसाल देखने को मिली जिसने हर किसी का दिल छू लिया। धर्म और जाति से ऊपर उठकर कुछ युवकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना एक डूबते बच्चे को बचाकर मानवता को सबसे बड़ा धर्म साबित कर दिया।

घटना खेड़ापति कमल तालाब की है, जहां एक ओर मंदिर में साफ-सफाई और माता रानी की स्थापना की तैयारियां चल रही थीं, वहीं दूसरी ओर अचानक चीख-पुकार मच गई। दोपहर करीब 12 बजे घाट पर मौजूद बच्चों ने चिल्लाते हुए बताया कि 15 वर्षीय मुस्लिम किशोर ‘आदम’ तालाब में डूब रहा है।
मौके पर मौजूद कई लोग घबराए हुए थे, लेकिन पानी में उतरने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पा रहा था। तभी पास में फूल बेचने वाले युवक विशाल और उसके साथियों ने बिना एक पल गंवाए तालाब में छलांग लगा दी।
👉 गहरे पानी और जानलेवा हालात के बीच युवकों ने साहस दिखाते हुए आदम को तलाशा और कड़ी मशक्कत के बाद रस्सी की मदद से उसे बाहर निकाला।
बाहर निकालते ही आदम की हालत बेहद गंभीर थी। सांसें थम सी गई थीं, नाक से खून और मुंह से झाग निकल रहा था। ऐसे में युवकों ने मौके पर ही सीपीआर देने की कोशिश की और समय बर्बाद किए बिना उसे दोपहिया वाहन से सीधे अस्पताल लेकर दौड़ पड़े।
👉 टीएमएस अस्पताल में भर्ती कराने से लेकर जरूरी कागजी प्रक्रिया तक की जिम्मेदारी भी इन्हीं युवकों ने निभाई। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे के फेफड़ों में काफी पानी भर चुका था और ऑक्सीजन लेवल बेहद कम हो गया था। प्राथमिक इलाज के बाद उसकी हालत को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया।
💬 स्थानीय लोगों का कहना है:
“जब समाज में नफरत की बातें होती हैं, तब ऐसे युवा उम्मीद की किरण बनकर सामने आते हैं। इन्होंने दिखा दिया कि इंसानियत सबसे ऊपर है।”
📌 दर्पण 24 न्यूज की नजर:
नवरात्रि और ईद जैसे पवित्र अवसर पर यह घटना सिर्फ एक बचाव नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का जीवंत संदेश है।
👉 संदेश साफ है — धर्म नहीं, इंसानियत सबसे बड़ा है।
✍️ रिपोर्ट: दर्पण 24 न्यूज टीम
