दर्पण 24 न्यूज़ स्पेशल रिपोर्ट
देश में कानून का पहरेदार यानी जज, अब खुद SC/ST एक्ट के कटघरे में खड़े नज़र आने लगे हैं। भीम आर्मी की तरफ से उठी यह मांग पूरे देश में बहस की नई आग लगा रही है – अगर जजों पर भी यह एक्ट लागू हुआ, तो न्याय की प्रक्रिया कैसे चलेगी?
सच पूछो तो SC/ST एक्ट अब सिर्फ रक्षा का हथियार नहीं, बल्कि धमकी का हथियार बन चुका है। आजकल ऐसा कोई मामला न माने, कोई फैसला न पसंद आए, बस ‘SC/ST लगा दो’ – और मामला फंस गया!
विशेषज्ञों का कहना है, “भारत में SC/ST एक्ट के करीब 80% मामले फर्जी हैं। निर्दोष लोग फंस जाते हैं, लेकिन अब जज भी इस दुरुपयोग की जद में हैं। न्याय के मंदिर की कुर्सी पर बैठे लोग भी अब खतरे में हैं।”
सोशल मीडिया पर लोग तंज कसते हुए कह रहे हैं
“अच्छा हुआ जज साहब, अब आपको भी समझ आ जाएगा कि एक्ट कितने लोगों के लिए हथियार बन गया है।”
ये बहस सिर्फ कानून का मसला नहीं है, बल्कि सिस्टम और लोकतंत्र की परीक्षा बन चुकी है।
अगर SC/ST एक्ट अब कानून के खुद पहरेदारों पर लागू हुआ, तो जनता सोच रही है –
“अब किसके फैसले पर भरोसा किया जाए?”
तो आप क्या सोचते हैं?क्या समय आ गया है sc st कानून को खत्म करने का ?
