✍️ संवाददाता: दर्पण 24 न्यूज टीम
मथुरा/खजुराहो। मथुरा के कोसीकलां क्षेत्र में गौरक्षक चंद्रशेखर उर्फ “फरसा वाले बाबा” की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने प्रदेशभर में माहौल गर्मा दिया है। इस मामले में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे सीधा “हत्या” करार दिया और दोषियों को फांसी देने की मांग की है।
“सनातन के लिए बोलना सबसे बड़ा अपराध बन गया”
खजुराहो में चल रही अपनी नौ दिवसीय शक्ति साधना के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि आज देश में जो भी हिंदू, हिंदुत्व या सनातन के पक्ष में खुलकर बोलता है, वह निशाने पर आ जाता है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को भी लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
“फरसा बाबा थे सनातनी योद्धा”
शास्त्री ने दिवंगत चंद्रशेखर को “सनातन धर्म का योद्धा” बताते हुए कहा कि वे गौ-तस्करों के खिलाफ सक्रिय रूप से लड़ाई लड़ रहे थे। उनके अनुसार, ऐसी घटनाएं समाज को डराने की साजिश का हिस्सा हो सकती हैं।
समाज से एकजुट होने की अपील
उन्होंने अपने समर्थकों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि यदि आज सनातनी समाज खड़ा नहीं हुआ, तो भविष्य में कोई भी धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए आगे नहीं आएगा।
क्या है पूरा मामला?
21-22 मार्च की दरमियानी रात मथुरा के कोसीकलां इलाके में गौरक्षक चंद्रशेखर की मौत एक ट्रक की चपेट में आने से हो गई।
परिजनों और समर्थकों का आरोप: यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है, जिसमें गो-तस्करों का हाथ हो सकता है।
पुलिस का प्रारंभिक बयान: घने कोहरे के कारण यह एक सड़क दुर्घटना प्रतीत होती है।
घटना के बाद भड़का आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों और समर्थकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। गुस्साई भीड़ ने:
दिल्ली-आगरा हाईवे जाम किया
पुलिस पर पथराव किया
क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई
प्रशासन को हालात नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
जांच और कार्रवाई जारी
मथुरा पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। दुर्घटना और हत्या—दोनों एंगल पर जांच जारी है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।
निष्कर्ष
“फरसा वाले बाबा” की मौत अब सिर्फ एक दुर्घटना या अपराध का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक और धार्मिक भावनाओं से जुड़कर बड़ा मुद्दा बन चुका है। एक ओर संत समाज और समर्थक इसे सुनियोजित हत्या बता रहे हैं, वहीं पुलिस इसे हादसा मानकर जांच कर रही है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में आखिर सच क्या सामने आता है।
