“पत्रकारिता की आड़ में ‘शराब-कारोबार’ — कलम नहीं, बोतल चल रही थी!”

कटनी जहाँ एक तरफ सच्चे पत्रकार सच की लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ “स्वयंभू पत्रकार” ऐसे भी हैं जो सच नहीं, शराब की सप्लाई करते हुए पकड़े जा रहे हैं।
कटनी पुलिस ने एक ऐसे ही “विशेष प्रतिभाशाली” व्यक्ति राहुल अवस्थी को धर दबोचा है, जो खबरों से ज्यादा खुमारी फैलाने में व्यस्त था।
बताया जा रहा है कि साहब काफी समय से फरार चल रहे थे। वारंट जारी हुआ, पुलिस खोज रही थी… लेकिन जनाब ऐसे गायब हुए जैसे चुनाव के बाद वादे!
पहले ही पुलिस 81 लीटर अवैध शराब और एक कार जब्त कर चुकी थी।
लेकिन “पत्रकार साहब” खुद को इतना सुरक्षित मान बैठे थे कि शायद सोच रहे थे—
“प्रेस लिखा है गाड़ी पर, पुलिस क्या ही रोकेगी!” 
सूत्रों की मानें तो राहुल अवस्थी पत्रकारिता को “फील्ड वर्क” मानकर रात में ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रहे थे—बस फर्क इतना था कि माइक्रोफोन की जगह शराब की बोतलें थीं।
 कटनी पुलिस का कहना है:
अब “फर्जी प्रेस कार्ड” और “असली कारनामे” ज्यादा दिन नहीं चलेंगे।
निष्कर्ष
आजकल कुछ लोग पत्रकारिता को मिशन नहीं, कवर समझ बैठे हैं—
जहाँ खबर नहीं बनती, वहाँ “धंधा” बना लिया जाता है!
✍️ दर्पण 24 न्यूज — सच दिखाते हैं, थोड़ा मुस्कुराते हुए भी!

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