कटनी / बमीठा। बमीठा थाना क्षेत्र के पहरा गांव में पुलिस ने एक ऐसी “कृषि खोज” कर डाली, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। गेहूं के एक खेत में करीब 500 गांजा के पौधे मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक बुजुर्ग किसान को आरोपी बना लिया।
पुलिस की कार्रवाई निश्चित ही सराहनीय है, क्योंकि अवैध गांजा की खेती पर रोक लगाना जरूरी भी है। लेकिन गांव में लोग अब एक नया सवाल पूछ रहे हैं – क्या सच में एक बुजुर्ग किसान ने गेहूं की फसल के साथ-साथ 500 गांजा के पौधों की भी “खेती” कर डाली?
ग्रामीणों का कहना है कि गेहूं के बीच इतनी संख्या में पौधे लगाना कोई छोटा-मोटा प्रयोग नहीं है। यह तो मानो खेती के साथ-साथ “विशेष कृषि अनुसंधान” जैसा काम हो गया। अब सवाल यह भी है कि अगर खेत में इतने पौधे थे तो क्या खेत मालिक को इसकी जानकारी थी, या फिर किसी और ने “हरी खेती” का यह प्रयोग चुपचाप कर दिया।
इधर पुलिस ने अपने अभियान के तहत सभी पौधों को जब्त कर नष्ट कर दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
उधर गांव के लोग इस पूरे मामले को लेकर चुटकी लेते हुए कह रहे हैं कि गेहूं के खेत में अगर 500 पौधे उग आए, तो यह खेती कम और कहानी ज्यादा लगती है। अब देखना यह है कि जांच में असली किसान कौन निकलता है – खेत का मालिक या फिर कोई “अदृश्य माली” जिसने रातों-रात यह फसल तैयार कर दी।
फिलहाल पहरा गांव में गेहूं की फसल से ज्यादा चर्चा उसी ‘हरी फसल’ की हो रही है, जिसने एक बुजुर्ग को अचानक ही ‘खूंखार आरोपी’ बना दिया।
– दर्पण 24 न्यूज
गेहूं के बीच ‘हरी क्रांति’! 500 गांजा के पौधे मिले, बुजुर्ग बना खूंखार आरोपी
