संपादक दिनेश कुमार दर्पण 24 न्यूज
कटनी। भागदौड़ भरी जिंदगी और बढ़ती उम्र के बीच स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है। चिकित्सकों के अनुसार अचानक गिरना, बोलने में दिक्कत होना या चेहरे का एक तरफ झुक जाना जैसे लक्षण गंभीर बीमारी का संकेत हो सकते हैं। विशेष रूप से स्ट्रोक के मामले में समय पर पहचान और इलाज किसी व्यक्ति की जान बचा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि स्ट्रोक अक्सर अचानक होता है और कई बार आसपास मौजूद लोग इसके शुरुआती संकेतों को समझ नहीं पाते। यही वजह है कि जागरूकता की कमी के कारण कई मरीज समय पर इलाज नहीं मिलने से गंभीर स्थिति में पहुंच जाते हैं।
एक घटना से मिली सीख
चिकित्सकों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान एक महिला अचानक फिसल कर गिर गईं। उन्होंने इसे सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज कर दिया और कार्यक्रम में शामिल रहीं। बाद में उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाने के बाद पता चला कि उन्हें स्ट्रोक आया था। दुर्भाग्यवश कुछ ही घंटों में उनकी मौत हो गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शुरुआती लक्षण पहचान लिए जाते और तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाता, तो संभव है कि उनकी जान बचाई जा सकती थी।
स्ट्रोक पहचानने का आसान तरीका: STR नियम
डॉक्टरों के अनुसार आम लोग भी तीन आसान संकेतों के जरिए स्ट्रोक की पहचान कर सकते हैं:
S – Smile (मुस्कुराना):
मरीज से मुस्कुराने के लिए कहें। यदि चेहरा एक तरफ झुक जाए या सामान्य न लगे, तो यह खतरे का संकेत हो सकता है।
T – Talk (बोलना):
मरीज से कोई सामान्य वाक्य बोलने को कहें। यदि वह सही तरीके से बोल नहीं पा रहा है या शब्द अस्पष्ट हैं, तो सावधान हो जाएं।
R – Raise (हाथ उठाना):
मरीज से दोनों हाथ ऊपर उठाने को कहें। यदि एक हाथ उठ नहीं पा रहा है या नीचे गिर रहा है, तो यह भी स्ट्रोक का लक्षण हो सकता है।
इसके अलावा डॉक्टर बताते हैं कि यदि मरीज जीभ बाहर निकाले और जीभ एक तरफ मुड़ जाए, तो भी यह स्ट्रोक का संकेत हो सकता है।
समय पर इलाज से बच सकती है जान
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्ट्रोक के मरीज को शुरुआती 3 घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो इलाज के अच्छे परिणाम मिल सकते हैं और कई मामलों में मरीज पूरी तरह ठीक भी हो सकता है।
डॉक्टरों की अपील
चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि ऐसे लक्षण दिखने पर देर न करें और तुरंत एम्बुलेंस या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें। साथ ही अधिक से अधिक लोगों को इन लक्षणों के बारे में जागरूक करना भी जरूरी है, ताकि आपात स्थिति में किसी की जान बचाई जा सके।
✍️ दर्पण 24 न्यूज
स्वास्थ्य जागरूकता – मानव सेवा
