कटनी से राजकुमारी मिश्रा की रिपोर्ट | दर्पण 24 न्यूज
कटनी शहर में इन दिनों विकास इतनी तेजी से दौड़ रहा है कि सड़कें खुद ही बैठ गई हैं। कहीं गड्ढे हैं, कहीं पाइप हैं और कहीं नागरिक यह खोजते फिर रहे हैं कि आखिर सड़क थी कहाँ! इसी बीच नगर निगम की निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने गुरुवार को समीक्षा बैठक लेकर अमृत 1.0 और अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत चल रहे सीवरेज और सेप्टेज प्रोजेक्ट की प्रगति पर गहन मंथन किया।
बैठक में अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि कार्यों में तेजी लाकर उन्हें समय-सीमा में पूरा किया जाए। हालांकि कटनी के नागरिकों का कहना है कि “समय-सीमा” एक ऐसी चीज है, जो बैठकों में सबसे तेज दौड़ती है, लेकिन सड़कों पर आते-आते अक्सर थक जाती है।
नवरात्रि से पहले सड़कें ठीक करने का आदेश
बैठक में निगमायुक्त ने साफ निर्देश दिए कि सीवर लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों का स्थायी रेस्टोरेशन नवरात्रि से पहले पूरा कर लिया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और नागरिकों को परेशानी न हो।
यह सुनकर शहर के लोग थोड़े खुश भी हुए और थोड़े हैरान भी। खुश इसलिए कि शायद इस बार नवरात्रि में माता रानी के साथ-साथ सड़कें भी “प्रकट” हो जाएं… और हैरान इसलिए कि कई जगह तो अभी तक यह तय ही नहीं हो पाया कि गड्ढा पहले हुआ या सड़क बाद में।
बारिश से पहले ‘मार्टरेबल’ भराई का फरमान
निगमायुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर सड़कें खोदी गई हैं, वहां बारिश शुरू होने से पहले अस्थायी भराई (मार्टरेबल) का काम कर लिया जाए।
कटनी के नागरिकों का कहना है कि अगर यह काम समय पर हो गया तो यह भी शहर के विकास की एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जाएगी, क्योंकि अब तक बारिश आती है और गड्ढे अपने आप “तालाब” में बदल जाते हैं।
31 मार्च तक एसटीपी चालू करने का लक्ष्य
बैठक में अमृत 1.0 योजना के तहत बन रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), पाइपलाइन, मेनहोल और हाउस सर्विस कनेक्शन की भी समीक्षा की गई।
संविदाकार को निर्देश दिए गए कि अतिरिक्त मैनपावर और मशीनरी लगाकर 31 मार्च से पहले माधवनगर एसटीपी-1 के शेष कार्य पूरे किए जाएं और उसका ट्रायल रन शुरू किया जाए।
हालांकि शहर के कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि कटनी में “ट्रायल रन” अक्सर मशीनों का नहीं, बल्कि जनता के धैर्य का होता है।
सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी
अमृत 2.0 योजना के तहत पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड 17 और रामजानकी हनुमान वार्ड 18 में लगभग 3.8 किलोमीटर सीवर लाइन का कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई। निगमायुक्त ने कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करने और नागरिकों की शिकायतों का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने काम की प्रगति बताई और निर्माण एजेंसी ने अपनी परेशानियां बताईं। वहीं कटनी के नागरिकों की सबसे बड़ी परेशानी वही पुरानी है—
“घर से निकलते समय यह अंदाजा लगाना कि आज सड़क मिलेगी या गड्ढा।”
फिलहाल उम्मीद यही है कि नवरात्रि तक सड़कें भी “पुनर्जन्म” ले लें… क्योंकि कटनी में विकास की कहानी अक्सर बैठकों में बहुत सुंदर लगती है, बस जमीन पर आते-आते थोड़ी ‘खुदाई’ में उलझ जाती है।
