कटनी में फायर सेफ्टी को लेकर सख्त हुई नगर निगम: ऊंची इमारतों, होटल, अस्पताल और कोचिंग संस्थानों का होगा सघन निरीक्षण, अवैध कॉलोनियों पर भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश

दर्पण 24 न्यूज़ | कटनी | रिपोर्ट – राजकुमारी मिश्रा

कटनी नगर निगम क्षेत्र में आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फायर सेफ्टी व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यह निर्देश नगर निगम आयुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने बुधवार को आयोजित फायर सेफ्टी एवं अवैध कॉलोनियों के लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए।

बैठक में निगमायुक्त ने स्पष्ट कहा कि शहर में स्थित व्यावसायिक भवनों, ऊंची इमारतों, होटलों, अस्पतालों, कोचिंग संस्थानों, शो-रूम, बारात घरों और मैरिज गार्डनों में अग्निशमन व्यवस्था का होना बेहद आवश्यक है। इसलिए इन सभी स्थानों का सघन निरीक्षण कर फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अग्नि दुर्घटना की स्थिति में आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

जमीनी स्तर पर करें सख्त कार्रवाई

बैठक के दौरान नगर निगम के अग्निशमन विभाग के अंतर्गत गठित जांच समिति के सदस्यों को निर्देशित किया गया कि वे शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर जमीनी स्तर पर निरीक्षण और कार्रवाई करें। निगमायुक्त ने कहा कि जहां भी फायर सेफ्टी व्यवस्था में अनियमितताएं पाई जाती हैं, वहां तत्काल नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक उपकरण स्थापित करवाए जाएं

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यदि संबंधित संस्थान या भवन मालिक निर्धारित समय में फायर सेफ्टी उपकरण स्थापित नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाए और आवश्यक होने पर तालाबंदी की कार्रवाई भी की जाए

नगर निगम आयुक्त ने शहर के स्कूलों में भी फायर सेफ्टी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार सभी शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा के आवश्यक प्रबंध होना अनिवार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा

बैठक में शहरी क्षेत्र में विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की भी समीक्षा की गई। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इस अभियान को लगातार जारी रखा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी वार्ड में नई अवैध कॉलोनी विकसित न हो सके

उन्होंने क्षेत्रीय उपयंत्रियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने वार्डों में सतत निगरानी रखें और यदि कहीं भी अवैध रूप से कॉलोनी विकसित होती दिखाई दे तो तुरंत नियमानुसार कार्रवाई करें।

बैठक में पूर्व में चिन्हित अवैध कॉलोनियों के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। निगमायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन मामलों में अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, उनमें तत्काल नियमों के तहत प्रकरण दर्ज किए जाएं। साथ ही जहां अवैध निर्माण हो चुका है, वहां निर्मित संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई भी की जाए।

अवैध कॉलोनियों की जानकारी होगी सार्वजनिक

नगर निगम आयुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि पहले से निर्मित अवैध कॉलोनियों में यदि कोई नया निर्माण कार्य हो रहा है तो संबंधित लोगों को तुरंत नोटिस जारी किया जाए। इसके अलावा आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए अवैध कॉलोनियों से संबंधित वार्ड, क्षेत्र, खसरा नंबर आदि की जानकारी सार्वजनिक सूचना के माध्यम से जारी की जाए, ताकि लोग अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से बच सकें।

बैठक में मौजूद रहे अधिकारी

इस समीक्षा बैठक में कार्यपालन यंत्री अंशुमान सिंह, उपयंत्री पवन श्रीवास्तव, शैलेन्द्र प्यासी, अतिक्रमण अधिकारी मानवेन्द्र सिंह, फायर निरीक्षक शैलेन्द्र प्यासी सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के अंत में निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शहर में सुरक्षा व्यवस्था और नियमानुसार विकास सुनिश्चित करना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और समय-समय पर कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

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