रीठी में प्रस्फुटन समितियों का क्षमता वृद्धि प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार पर दिया गया जोर

दर्पण 24 न्यूज़ |उमेश त्रिपाठी सह सम्पादक  रीठी (कटनी)

मध्य प्रदेश में ग्राम विकास और जनभागीदारी को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के निर्देशन में विकासखंड रीठी में प्रस्फुटन समितियों का क्षमता वृद्धि प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और पात्र लोगों तक उनका लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिभागियों के पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) के साथ हुई। पंजीयन के बाद सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सामग्री के रूप में बैग, पेन और डायरी प्रदान की गई, ताकि प्रशिक्षण के दौरान दी जाने वाली महत्वपूर्ण जानकारियों को वे नोट कर सकें। इसके बाद प्रतिभागियों के लिए चाय-नाश्ते की भी व्यवस्था की गई।

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्लॉक समन्वयक जगन सिंह मसराम ने कहा कि प्रस्फुटन समितियों के सदस्य गांव-गांव में जाकर शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। उन्होंने कहा कि गांवों में कई ऐसे पात्र और जरूरतमंद लोग होते हैं जिन्हें योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पाती। ऐसे में समितियों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें।

कार्यक्रम में मेंटर के रूप में उपस्थित मास्टर रिसोर्स पर्सन रविकांत राय ने प्रतिभागियों को समग्र ग्राम विकास की अवधारणा पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि गांव के सर्वांगीण विकास के लिए केवल शासन की योजनाएं ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज की सक्रिय सहभागिता और जनभागीदारी भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब गांव के लोग स्वयं विकास कार्यों में भागीदारी निभाते हैं, तभी स्थायी और प्रभावी विकास संभव हो पाता है।

इस दौरान नवांकुर संस्था संरचना समाज कल्याण समिति हथकुरी के अध्यक्ष उमेश त्रिपाठी ने समितियों को दस्तावेजीकरण (डॉक्यूमेंटेशन) की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सामाजिक गतिविधियों, योजनाओं और विकास कार्यों से जुड़े सभी कार्यों का सही तरीके से रिकॉर्ड रखना बहुत जरूरी है। इससे भविष्य में योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन करने और कार्यों की पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलती है।

कार्यक्रम के दौरान नवांकुर सखियों को पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी प्रेरित किया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि गांवों में अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएं और उनकी देखभाल भी सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह घोषणा की गई कि जो नवांकुर सखियां लगाए गए पौधों की सही तरीके से देखभाल करेंगी, उन्हें आने वाले समय में पुरस्कृत भी किया जाएगा

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के लिए दोपहर में भोजन (लंच) की भी व्यवस्था की गई, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने सहभागिता की और प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लिया।

कार्यक्रम में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति मोहास, मझगवा, हथकुरी, वसुधा और रीठी के अध्यक्ष, सचिव एवं नवांकुर सखियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर अजय राजभर, विजन श्रीवास, संदीप पाल, दुर्गा विश्वकर्मा, ज्ञान सिंह, रामदयाल, राधा विश्वकर्मा, मानसी राजभर, अंजना, अहिल्या बाई, प्रीति, रीना बाई, रेखा राजभर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने गांवों में जाकर शासन की योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएंगे और ग्राम विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे

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