पाकिस्तान में तेल की बढ़ती कीमतों ने सरकार की नींद ही नहीं, बल्कि सरकारी गाड़ियों के टायर भी ढीले कर दिए हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खर्चों में कटौती का ऐसा एलान कर दिया है, जिसे सुनकर सरकारी बाबू भी हैरान हैं और जनता भी।
नई योजना के मुताबिक अब सरकारी ऑफिस हफ्ते में सिर्फ चार दिन खुलेंगे और आधे कर्मचारी घर से ही काम करेंगे। यानी अब पाकिस्तान में “वर्क फ्रॉम होम” के नाम पर फाइलें भी शायद वॉट्सऐप पर ही घूमती नजर आएंगी।
सरकार ने मंत्रियों की सैलरी पर भी रोक लगाने का फैसला किया है और विदेशी दौरों पर ब्रेक लगा दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि कुछ मंत्री अब गूगल मैप पर ही विदेश यात्रा का आनंद लेने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि देश का पैसा भी बचे और घूमने का शौक भी पूरा हो जाए।
उधर स्कूल-कॉलेज बंद करने का फैसला भी किया गया है। सरकार का तर्क है कि जब पेट्रोल महंगा है तो बच्चे स्कूल जाकर आखिर करेंगे भी क्या — पढ़ाई तो मोबाइल पर भी हो सकती है और देश की आर्थिक हालत पर मीम बनाना भी आसान रहेगा।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो अगला कदम यह हो सकता है कि सरकारी बैठकों की जगह व्हाट्सएप ग्रुप बना दिए जाएं और मंत्रीगण “गुड मॉर्निंग” के साथ देश की नीतियां भी तय करें।
जनता का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो जल्द ही पाकिस्तान में “वर्क फ्रॉम होम” नहीं बल्कि “रन फ्रॉम पेट्रोल” योजना शुरू हो जाएगी।
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पाकिस्तान में तेल महंगा, सरकार ने लगाया “किफायतशाही ब्रेक” — मंत्री पैदल, अफसर घर से ही देश चला रहे!
