संपादक दिनेश कुमार दर्पण 24 न्यूज़
कटनी। सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को त्वरित और बेहतर उपचार दिलाने के लिए सरकार की पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला अस्पताल कटनी में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिले के 14 निजी अस्पतालों के संचालक और प्रबंधक शामिल हुए।
बैठक में सीएमएचओ डॉ. ठाकुर ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज इस योजना के तहत उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा दुर्घटना की तारीख से 7 दिन तक लागू रहेगी, जिससे शुरुआती गंभीर इलाज के लिए पीड़ित परिवार को आर्थिक चिंता न करनी पड़े।

उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद का पहला आधा घंटा ‘गोल्डन आवर’ माना जाता है। यदि इस दौरान घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाकर उपचार शुरू कर दिया जाए तो उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए सभी अस्पतालों को निर्देश दिए गए कि दुर्घटना पीड़ितों का इलाज बिना किसी देरी के तुरंत शुरू किया जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि सड़क हादसे की स्थिति में कोई भी राहगीर या नागरिक 112 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकता है, जिससे तत्काल एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के तहत सामान्य स्थिति में 24 घंटे तक स्टेबलाइजेशन ट्रीटमेंट और गंभीर स्थिति में 48 घंटे तक प्राथमिक एवं इमरजेंसी उपचार का प्रावधान है।
प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए पूरी व्यवस्था ऑनलाइन डिजिटल सिस्टम से जुड़ी है। हादसे की रिपोर्ट से लेकर अस्पताल को भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर की जाती है। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड डिजिटल रिपोर्ट और ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग किया जाता है।
सीएमएचओ ने अस्पताल संचालकों को निर्देशित किया कि पीएम राहत योजना के तहत आने वाले मरीजों को बिना किसी बाधा के इलाज उपलब्ध कराया जाए। साथ ही अस्पताल परिसर में उपलब्ध सुविधाओं और पैकेजों की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अस्पताल प्रतिनिधियों को योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि और आवेदन प्रक्रिया की तकनीकी जानकारी भी दी गई, ताकि जरूरतमंद मरीजों को योजना का लाभ आसानी से मिल सके
