दर्पण 24 न्यूज | मऊगंज रिपोर्टर दिनेश कुमार
कहते हैं होली प्यार, भाईचारे और रंगों का त्योहार है, लेकिन मऊगंज जिले के हनुमना थाना क्षेत्र के ढाबा गौतमान गांव में इस बार रंगों की जगह टांगे, फरसे और पत्थरों की “बरसात” हो गई। नतीजा यह हुआ कि होली का गुलाल देखते-देखते खूनी रंग में बदल गया।
बताया जा रहा है कि होली के मौके पर पटेल और साकेत परिवारों के बीच पुराना विवाद फिर “ताजा” हो गया। कुछ लोग कथित तौर पर शराब के नशे में बहस करने निकले थे, लेकिन बहस इतनी “सफल” रही कि देखते ही देखते मामला फरसे और टांगों तक पहुंच गया।
हल्ला-गुहार सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे 55 वर्षीय रघुवीर पटेल को शायद अंदाजा नहीं था कि वे रंग छुड़ाने नहीं बल्कि जिंदगी छुड़ाने के जोखिम में पड़ रहे हैं। आरोप है कि साकेत परिवार के लोगों ने घर में घुसकर टांगे, फरसे और पत्थरों से हमला कर दिया, जिससे रघुवीर पटेल की मौत हो गई।
हालांकि कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। पटेल परिवार की ओर से भी “जवाबी रंग” डाला गया, जिसमें 5 लोगों को चोटें आईं और चार लोग गंभीर बताए जा रहे हैं।
घटना के बाद गांव में ऐसा सन्नाटा पसरा कि मानो होली नहीं, कर्फ्यू मनाया गया हो। हालात संभालने के लिए प्रशासन को भी पूरी “होली टीम” उतारनी पड़ी। एसडीएम, एसडीओपी, टीआई सहित पांच थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और करीब 4-5 घंटे की मशक्कत के बाद परिजनों को समझाकर अंतिम संस्कार कराया गया।
गांव के लोगों का कहना है कि पिछले साल भी होली के समय गडरा कांड ने पूरे इलाके को हिला दिया था, जिसमें एक एसआई समेत दो लोगों की निर्मम हत्या हुई थी। अब एक साल बाद फिर वही कहानी दोहरती दिखी।
इधर घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि जिस तरह से घर में घुसकर हमला किया गया, उससे पूरा गांव डर के माहौल में है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दावा किया है कि निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल गांव में लोग यही कह रहे हैं कि अगर होली ऐसे ही “मनती” रही तो शायद आने वाले समय में रंग-गुलाल की जगह सुरक्षा हेलमेट और ढाल खरीदना ज्यादा जरूरी हो जाएगा।
होली का रंग हुआ लाल! मऊगंज में टांगे-फरसे की “होली”, 24 घंटे बाद भी गांव में खामोशी और सवाल
