दर्पण 24 न्यूज़ । देश में पहली बार ऐसा रोमांचक दृश्य देखने को मिला, जिसमें अपराधी कम और पुलिस ज्यादा चर्चा में रही। मामला तब दिलचस्प हो गया जब दिल्ली पुलिस हिमाचल प्रदेश पहुंचकर एआई समिट में प्रदर्शन करने वाले युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पकड़ लाई, और जवाब में हिमाचल प्रदेश पुलिस ने दिल्ली पुलिस के ही जवानों को पकड़ लिया। यानी “तुमने हमारे लोगों को पकड़ा, तो हमने तुम्हारे लोगों को पकड़ लिया” वाला देसी न्याय मॉडल लागू हो गया।

सूत्र बताते हैं कि घटनास्थल पर कुछ देर के लिए यह तय करना मुश्किल हो गया था कि आखिर आरोपी कौन है और कार्रवाई किस पर हो रही है। स्थानीय लोगों ने भी मज़े लेते हुए कहा — “पहली बार पुलिस को पुलिस वैन में जाते देखा है, लोकतंत्र सच में आगे बढ़ रहा है।”
बताया जा रहा है कि मामला भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं से जुड़ा है, इसलिए राजनीतिक तापमान भी पहाड़ी मौसम की तरह अचानक बदल सकता है। इधर नेताओं के बयान आने शुरू हो गए हैं — कोई इसे लोकतंत्र की हत्या बता रहा है, तो कोई कानून का पालन।
कानूनी जानकारों का कहना है कि दूसरे राज्य में कार्रवाई से पहले सूचना देना नियम होता है, लेकिन यहां तो लगता है सूचना व्हाट्सऐप पर टाइप करते-करते नेटवर्क चला गया। नतीजा — पुलिस ही पुलिस की मेहमान बन गई।
जनता अब सोशल मीडिया पर रिएक्शन दे रही है:
👍 बेहद हैरान करने वाली घटना
❤️ पुलिस vs पुलिस का खेल
🙏 पूरी तरह से सियासी टकराव है
😢 इससे कानून का मजाक बन रहा है
दर्पण 24 न्यूज़ की सलाह:
अगली बार अगर पुलिस किसी को पकड़ने जाए, तो पहले यह तय कर ले कि सामने अपराधी है या दूसरी पुलिस — ताकि जनता को कम से कम कन्फ्यूजन हो।
