भोपाल। मध्य प्रदेश की बहुचर्चित लाड़ली बहना योजना को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार सितंबर 2023 में जहां योजना की लाभार्थी महिलाओं की संख्या 1.31 करोड़ से अधिक थी, वहीं जनवरी 2026 तक यह घटकर करीब 1.24 करोड़ रह गई है। यानी 27 महीनों में लगभग 6.28 लाख महिलाओं की संख्या कम हो गई।

महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने विधानसभा में लिखित जवाब में बताया कि 10 अगस्त 2023 के बाद कोई नया पंजीयन नहीं किया गया है और फिलहाल नए पंजीयन शुरू करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। साथ ही योजना की राशि बढ़ाने का भी कोई प्रस्ताव दर्ज नहीं है।
आयु वर्ग के कारण कम हुई संख्या
सरकार के अनुसार 60 वर्ष से अधिक आयु होने के कारण कई महिलाओं के नाम सूची से हट गए। वर्तमान स्थिति (जनवरी 2026) में
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55 से 60 वर्ष – 7.89 लाख
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35 से 55 वर्ष – 71.63 लाख
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23 से 35 वर्ष – 45.26 लाख
कुल लाभार्थी – 1.24 करोड़ बताई गई हैं।
25,395 महिलाओं का भुगतान फिलहाल बंद
जानकारी में यह भी सामने आया कि प्रदेश की 25,395 महिलाओं का भुगतान समग्र आईडी डिलीट होने के कारण अस्थायी रूप से बंद हो गया है। सरकार का कहना है कि आईडी सुधार होने पर भुगतान जारी किया जाएगा।
कांग्रेस ने उठाए सवाल, विधानसभा में वॉकआउट
मामले को लेकर कांग्रेस विधायकों ने सरकार से जवाब मांगा और नए पंजीयन शुरू करने की मांग की। विपक्ष का कहना है कि जब लाखों महिलाएं पात्र हैं तो उन्हें योजना का लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा। जवाब से असंतुष्ट होकर कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि योजना की राशि बढ़ाकर 1500 रुपये की जा चुकी है और भविष्य में इसे और बढ़ाने का लक्ष्य है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पात्र हितग्राहियों को लाभ देने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
यह मुद्दा अब प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गया है और योजना के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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