इंदौर हाईकोर्ट में भोजशाला मामले की सुनवाई: एएसआई रिपोर्ट पहले से पक्षकारों के पास, कोर्ट ने जताई नाराज़गी

इंदौर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में सोमवार को बहुचर्चित भोजशाला मामले की सुनवाई के दौरान एक अहम तथ्य सामने आया। अदालत को बताया गया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की जिस सर्वे रिपोर्ट (Bhojshala ASI Survey Report) को कोर्ट में सीलबंद अवस्था में खोला जाना था, वह पहले से ही सभी पक्षकारों के पास उपलब्ध है।

यह जानकारी सामने आते ही कोर्ट ने नाराज़गी जताई और पक्षकारों से सवाल किया कि जब रिपोर्ट पहले से उनके पास थी तो अब तक उस पर दावे-आपत्तियां क्यों दर्ज नहीं कराई गईं?

आधे घंटे चली सुनवाई

मामले की सुनवाई करीब आधे घंटे तक चली। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ में एएसआई की ओर से पेश अधिवक्ता ने जैसे ही रिपोर्ट के संबंध में बात शुरू की, कोर्ट ने उन्हें टोकते हुए पूछा कि सीलबंद रिपोर्ट उनके पास कैसे पहुंची, जबकि उसे अदालत में खोला जाना था।

इस पर एएसआई के वकील ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट ने दो वर्ष पूर्व एक आदेश पारित किया था, जिसमें सर्वे रिपोर्ट सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष वह आदेश पढ़कर भी सुनाया।

15 दिन में दावे-आपत्तियां दाखिल करने के निर्देश

तथ्यों के सामने आने के बाद कोर्ट ने सभी पक्षकारों को 15 दिनों का समय देते हुए निर्देश दिया कि वे सर्वे रिपोर्ट पर अपने-अपने दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करें। मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को निर्धारित की गई है।

गौरतलब है कि भोजशाला विवाद लंबे समय से न्यायालय में लंबित है और एएसआई सर्वे रिपोर्ट को इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजरें 16 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *