Jawaharlal Nehru University में देर रात हिंसा, छात्र संगठनों के बीच टकराव; कई घायल, आरोप-प्रत्यारोप तेज

नई दिल्ली। राजधानी स्थित Jawaharlal Nehru University (जेएनयू) परिसर में रविवार देर रात दो छात्र संगठनों के बीच हिंसक झड़प की सूचना सामने आई है। घटना में कई छात्रों के घायल होने की खबर है। हालांकि, पूरे मामले को लेकर दोनों पक्षों के दावे एक-दूसरे से भिन्न हैं और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।


एबीवीपी ने लगाया टारगेटेड हमले का आरोप
Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (एबीवीपी) से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल @ABVPVoice ने आरोप लगाया कि वामपंथी विचारधारा से जुड़े समूहों ने लाइब्रेरी और स्टडी रूम में पढ़ रहे छात्रों पर हमला किया। संगठन ने इसे “पूर्व नियोजित और कायरतापूर्ण हिंसा” बताते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एबीवीपी के अनुसार, स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के एक छात्र प्रतीक भारद्वाज पर स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज परिसर में हमला किया गया। आरोप है कि पहले उन पर फायर एक्सटिंग्विशर का पाउडर डाला गया और फिर लाठी-डंडों से मारपीट की गई। एक अन्य छात्र के साथ भी भीड़ द्वारा मारपीट किए जाने का दावा किया गया है।
जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) के संयुक्त सचिव एवं एबीवीपी प्रतिनिधि वैभव मीणा ने कहा कि पिछले 7-8 दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच 300-400 नकाबपोश लोगों की भीड़ स्टडी रूम में घुसी और छात्रों को जबरन बाहर निकालकर मारपीट की। उन्होंने दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
एबीवीपी के जेएनयू मीडिया संयोजक विजय जायसवाल ने आरोप लगाया कि सुरक्षा व्यवस्था मौजूद होने के बावजूद प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया गया, जिससे स्थिति बिगड़ी।
कुलगुरु के बयान पर पहले से गरम था माहौल
घटना ऐसे समय में हुई है जब विश्वविद्यालय में कुलगुरु Shantishree Dhulipudi Pandit के कथित बयान को लेकर छात्र राजनीति पहले से ही उबाल पर है। छात्र नेताओं का आरोप है कि यूजीसी के इक्विटी रेगुलेशन को लेकर की गई टिप्पणी से एक वर्ग विशेष की भावनाएं आहत हुईं।
रविवार को जेएनयू छात्रसंघ द्वारा ‘समता जुलूस’ निकाला गया, जिसमें कुलगुरु से इस्तीफे और जवाबदेही की मांग की गई। निष्कासित पदाधिकारियों का धरना भी जारी है। इसी बीच देर रात हिंसक झड़प की खबर सामने आई, जिससे परिसर में तनाव बढ़ गया।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
दर्पण 24 न्यूज स्वतंत्र रूप से इन आरोपों की पुष्टि नहीं करता है। आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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