प्रजापिता ब्रह्मकुमारी द्वारा वृद्धजनों को दिया आध्यात्मिक ज्ञान, राजयोग से खुशहाल जीवन का संदेश

कटनी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के गोपाल नगर, कटनी केंद्र में “गौरवपूर्ण वृद्धावस्था के सम्मानित जीवन” विषय पर एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वृद्धजनों को सकारात्मक जीवन दृष्टि, मानसिक शांति और आत्मिक सशक्तिकरण का संदेश देना रहा।

केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी भगवती दीदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि राजयोग के नियमित अभ्यास से जीवन में खुशहाली आती है, मन शांत और स्थिर रहता है तथा जीवन श्रेष्ठ और सार्थक बनता है। उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था जीवन का स्वर्णिम काल है, जिसे सकारात्मक सोच और आध्यात्मिकता के माध्यम से आनंदमय बनाया जा सकता है।

ब्रह्माकुमारी करिश्मा बहन ने आत्मा और शरीर के अंतर को सरल शब्दों में समझाते हुए राजयोग की विधि बताई तथा उपस्थित वृद्धजनों को राजयोग का अभ्यास भी कराया। योगाभ्यास के दौरान सभी ने गहन शांति और आत्मिक अनुभूति का अनुभव किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनुराग मोदी, उपसंचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग कटनी ने संस्था के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था समाज में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ाने का सराहनीय कार्य कर रही है।

वृद्ध आश्रम की संचालिका श्रीमती सरोज बच्चन नायक ने कहा कि इस प्रकार का कार्यक्रम आश्रम में पहली बार आयोजित हुआ है और उन्हें स्वयं भी योग की विशेष अनुभूति हुई। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती कांता भोमिया ने कुशलतापूर्वक किया। अतिथियों का स्वागत ब्रह्माकुमारी अभिलाषा बहन ने तिलक, पुष्पगुच्छ एवं दुपट्टा पहनाकर किया। ब्रह्मा कुमार अजय प्रताप सिंह ने संस्था का परिचय एवं गतिविधियों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संस्था की बहनों सहित के.सी. सिंह, रण बहादुर सिंह, आशुतोष गुप्ता, शशी कोस्टा, बीना गुप्ता, सुधा तिवारी, शोभा गुप्ता एवं रेणु बजाज सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। अंत में संस्था की ओर से सभी वृद्धजनों को भोजन कराया गया। उपस्थित सभी वृद्धजनों ने कार्यक्रम को ध्यानपूर्वक सुना और आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया।

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