नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित नए “सेवा तीर्थ” कार्यालय से महिलाओं और किसानों से जुड़ी योजनाओं के विस्तार और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। इस बैठक को सरकार की आगामी रणनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि विकास और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने के स्पष्ट संकेत मिले हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने अधिकारियों और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के साथ योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक खेती तकनीकों को अपनाने, सिंचाई सुविधाओं में सुधार और कृषि से जुड़े सहायक व्यवसायों को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई।
महिलाओं के संदर्भ में स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) को मजबूत करने, ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास कार्यक्रमों को विस्तार देने और आर्थिक सहायता योजनाओं को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। सरकार का मानना है कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से न केवल परिवार बल्कि पूरे ग्रामीण समाज की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
यह “सेवा तीर्थ” कार्यालय भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां से सरकार और संगठन के बीच समन्वय को और बेहतर करने तथा जनहित योजनाओं को तेज गति से लागू करने की रणनीति बनाई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पहल आगामी समय में ग्रामीण और सामाजिक वर्गों के बीच सरकार की पकड़ मजबूत करने की दिशा में भी अहम कदम हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में किसानों और महिलाओं के लिए नई योजनाओं की घोषणा, वित्तीय सहायता में बढ़ोतरी या मौजूदा योजनाओं के दायरे को विस्तार देने जैसे फैसले सामने आ सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और सामाजिक विकास पर देखने को मिलेगा।
दर्पण 24 न्यूज़ के लिए यह खबर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संकेत देती है कि केंद्र सरकार का फोकस आने वाले समय में गांव, गरीब, किसान और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर और अधिक केंद्रित रहने वाला है।
