कृषि और उससे जुड़े विभागों की कार्यप्रणाली को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री आशीष तिवारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। 

कटनी जिले में कृषि और उससे जुड़े विभागों की कार्यप्रणाली को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री आशीष तिवारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और कृषि अभियांत्रिकी विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

👉समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने जिले के सभी निजी उर्वरक विक्रय संस्थानों का सतत निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक समय पर उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही फसल अवशेष नरवाई प्रबंधन को लेकर अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करते हुए किसानों को हैप्पी सीडर और सुपर सीडर जैसी आधुनिक कृषि मशीनें अपनाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।

👉कलेक्टर ने जिले में मटर की खेती का रकबा बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए और अगले वर्ष मटर का रकबा 5 हजार हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया।

👉वहीं सरसों की खेती के अपेक्षाकृत कम विस्तार पर नाराजगी व्यक्त करते हुए वर्तमान 24 हजार 650 हेक्टेयर से बढ़ाकर 50 हजार हेक्टेयर तक रकबा बढ़ाने के निर्देश दिए।

👉उर्वरक उपलब्धता और वितरण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने ई-विकास प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा। सिंचाई क्षेत्र के विस्तार के लिए स्प्रिंकलर प्रणाली के उपयोग को बढ़ावा देते हुए विभागीय लक्ष्य से दोगुने आवेदन स्वीकृत कराने के निर्देश भी दिए गए।

👉बैठक में उद्यानिकी विभाग की प्रगति पर संतोष जताया गया।उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में क्लस्टर निर्माण के तहत रकबा बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

👉 परियोजना अधिकारी एस.के. त्रिपाठी द्वारा राज्य योजना, एकीकृत वागवानी मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, पर ड्रॉप मोर क्रॉप, पीएमएफएमई सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति का प्रस्तुतीकरण किया गया।

👉जिले की राज्य और संभाग स्तर पर शीर्ष 10 में स्थान होने पर कलेक्टर ने संतोष व्यक्त करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के निर्देश दिए।

👉इसके साथ ही विकासखंड ढीमरखेड़ा और बड़वारा में हाई वैल्यू क्रॉप जैसे चिया, अश्वगंधा, अदरक और हल्दी के क्षेत्र विस्तार के लिए किसानों का चयन करने के निर्देश दिए गए। 

👉जायद मौसम में मूंग की जगह उड़द, तिल और मूंगफली की खेती को बढ़ावा देने तथा जैविक और प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया।

👉प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर भी कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया।

👉प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की कम प्रगति पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित कटनी के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्टर ने सभी किसान क्रेडिट कार्डधारी किसानों का फसल बीमा कराने के निर्देश दिए। वहीं मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड के प्रकरण शीघ्र स्वीकृत और वितरित करने के निर्देश दिए गए।

👉कलेक्टर ने जिले में केज कल्चर पद्धति से मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के लिए केज स्थापना तथा निर्माणाधीन स्मार्ट फिश पार्लरों के कार्य जल्द पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए।

👉बैठक में जिला पंचायत सीईओ हर सिमरन प्रीत कौर सहित सभी संबंधित विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।

👉स्पष्ट है कि प्रशासन कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय में वृद्धि के लिए गंभीरता से काम कर रहा है।

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