
👉3 जनवरी 2026 से 15 फरवरी तक चलने वाले 44 दिवसीय माघ मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। संगम की रेती पर करीब 800 हेक्टेयर क्षेत्र में विशाल टेंट सिटी खड़ी कर दी गई है, जो पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस है।
👉इस बार प्रशासन ने मेले को खास ‘सप्तांक’ यानी 7 की थीम पर तैयार किया है। पूरे मेला क्षेत्र को 7 सेक्टरों में बांटा गया है और हर सेक्टर को इंद्रधनुष के 7 रंगों से पहचान दी गई है। वेलकम गेट से लेकर बाउंड्री तक रंगों की कोडिंग की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को मार्ग पहचानने और नेविगेशन में किसी तरह की परेशानी न हो।
👉आवागमन को सुगम बनाने के लिए मेला क्षेत्र में चेकर्ड प्लेट वाली सड़कें बिछाई गई हैं। ‘प्रयागवाल मार्ग’, ‘कैलाशपुरी मार्ग’, ‘बजरंगदास मार्ग’ और ‘भारद्वाज रोड’ जैसे प्रमुख मार्गों सहित कुल 160 किलोमीटर से अधिक चेकर्ड प्लेटें लगाई गई हैं, जिससे श्रद्धालु आसानी से संगम और सेक्टरों तक पहुंच सकें।
👉बिजली-पानी की पुख्ता व्यवस्था:मेला क्षेत्र को रोशन करने के लिए 11 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइट्स और 28 हजार से ज्यादा लैंप लगाए गए हैं। 25 अस्थायी सब-स्टेशनों के जरिए 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
पानी की व्यवस्था भी कुंभ मॉडल पर की गई है। सिंचाई विभाग प्रतिदिन 10 हजार क्यूसेक गंगा जल उपलब्ध करा रहा है। पेयजल के लिए हजारों हैंडपंप, टैंकर और पाइपलाइन बिछाई गई हैं।
👉स्वच्छता और स्वास्थ्य:सफाई व्यवस्था के तहत हजारों शौचालय और यूरिनल बनाए गए हैं, साथ ही वेक्टर कंट्रोल यूनिट तैनात की गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 2 बड़े अस्पताल, 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक यूनिट्स स्थापित की गई हैं।
👉आस्था, व्यवस्था और आधुनिक तकनीक के संगम के साथ माघ मेला 2026 श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार अनुभव बनने जा रहा है। प्रयागराज एक बार फिर करोड़ों श्रद्धालुओं का स्वागत करने को तैयार है।
